पावटा: अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में श्री जीण माता मंदिर परिसर, टसकोला में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन माता भगवती देवी जन्म शताब्दी वर्ष एवं अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकालीन सत्र में वैदिक विधि-विधान के साथ विभिन्न संस्कार संपन्न कराए गए। इनमें पुंसवन, अन्नप्राशन, नामकरण, विद्यारंभ, जन्मदिवस एवं वैवाहिक वर्षगांठ संस्कार शामिल रहे। श्रद्धालुओं ने वैदिक परंपरा के अनुरूप संस्कारों में भाग लेकर परिवार एवं समाज में संस्कारों के महत्व को आत्मसात किया। शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के मुख्य वक्ता गोपाल स्वामी एवं उनकी टीम ने नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र तथा सूर्य मंत्र के साथ आहुतियां दिलवाईं। यज्ञ में विश्व शांति, राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, ग्राम सुख-समृद्धि एवं मानव कल्याण की कामना की गई। प्रज्ञा पुराण कथा में वक्ताओं ने व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण के सूत्रों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है" तथा "समय ही जीवन है"। उन्होंने नशामुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, पारिवारिक उत्तरदायित्व, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में 24 कन्याओं द्वारा विशेष रूप से गायत्री चालीसा एवं गायत्री मंत्र का सामूहिक पाठ किया गया, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वक्ताओं ने महिलाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति नारी है। सायंकाल आयोजित दीप महायज्ञ में गांव के महिला, पुरुष एवं बच्चों ने पांच-पांच दीपक लेकर भाग लिया। दीप यज्ञ के दौरान गांव की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं सकारात्मक वातावरण के लिए महामृत्युंजय मंत्रों के साथ विशेष आहुतियां दी गईं। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की घोषणा की गई। आयोजकों ने बताया कि अंतिम दिवस पर गायत्री मंत्र दीक्षा, सम्मान समारोह एवं शांतिकुंज टोली का अभिनंदन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लेकर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य और सांस्कृतिक जागरण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में युवा कार्यकर्ताओं एवं बाल सेना के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब
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June 04, 2026
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