लव जिहाद सनातनी संस्कृति और हिन्दू धर्म को कमजोर करने का एक सुनियोजित षड़यंत्र है। ऐसी विचारधारा के अनुसार, इसके तहत हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण किया जाता है और हमारी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति पर प्रहार किया जाता है। यह केवल एक सामाजिक समस्या ही नहीं है बल्कि हिन्दू समाज की जन संख्या को बदलने और संस्कृति को नष्ट करने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। सनातन धर्म विरोधी संगठन व कुछ राजनीतिक दल इसको राजनितिक व सांप्रदायिक नैरेटिव मात्र मानते हैं। उनका तर्क है कि भारतीय संविधान मे दो बालिग व्यक्तियों को अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार दे रखा है लेकिन उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में लव जिहाद के मामलों को देखते हुए धर्मांतरण के खिलाफ अध्यादेश जारी किया है। लव जिहाद का एक मूल कारण युवा पीढ़ी का सनातनी संस्कृति की जड़ों और संस्कारों से दूर होना भी है। कुटुंब प्रबोधन यानी पारिवारिक संवाद को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक प्रमुख माध्यम माना गया है। अर्थ युग की इस अंधी दौड़ ने पारिवारिक संवाद को लुप्त सा कर दिया है। माता-पिता को आधुनिकता की इस अंधी दौड़ में फुर्सत ही नहीं रहती कि वह अपने बच्चों को समय दे सके। इसका परिणाम होता है कि बच्चे एकाकीपन महसूस करते हुए लव जिहाद जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। हिंदूवादी संगठनों को ऐसे मामलों पर अपनी राजनीति चमकाने के बजाय इस बात पर जोर देने की जरूरत है कि लड़कियों को धर्म, संस्कृति और ऐसे संभावित खतरों को लेकर जागरूक किया जाए। लव जिहाद सनातन धर्म और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ एक सोची समझी रणनीति है, जिसको रोकना अत्यन्त आवश्यक है। आधुनिक परिवेश में हम इसे लव जिहाद का नाम दे देते हैं बल्कि यह पुरानी सांस्कृतिक लड़ाई का ही एक रूप है। मध्यकाल में जब इस्लामी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, महिलाओं का अपहरण किया और समाज में अनगिनत बुराईयां फैलाई, उनका एकमात्र लक्ष्य था कि हिन्दू समाज को बदनाम करना। आज के सोशल मीडिया के युग में इसका प्रारूप बदल गया है कि चिड़ावा जो शिवनगरी के नाम से विख्यात है, एक रेडीमेड कपड़े के शौरूम के ट्रायल रूम में जब महिलाएं कपड़े बदलकर अपनी फिटिंग देखती है, उनका विडियो बनाने का मामला प्रकाश में आया है। अब यह सोचने वाला व जांच का विषय है कि अभी तक उक्त आरोपी ने कितने अश्लील विडियो बनाने को अंजाम दिया, वह आरोपी किसके इशारे पर विडियो बना रहा था, यह किसी गिरोह का हिस्सा तो नहीं, इसकी हर कोण से जांच होनी चाहिए कि कहीं महिलाएं इसको लेकर ब्लैकमेल का शिकार तो नहीं हुई। चिड़ावा प्रकरण लव जिहाद का ही उच्च प्रसंस्करण का हिस्सा है।
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