पावटा (राहुल शर्मा): कल्याणपुरा भूमि विवाद में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए मंगलवार को पावटा एसडीएम कार्यालय में सियासी पारा चढ़ गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने एसडीएम को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया।
*ज्ञापन में प्रशासन पर गंभीर आरोप*
ज्ञापन में NAA का फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने, मृत खातेदारों की जमीन का फर्जी तकासमा करने और बिना सहमति पत्थर गाड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सबसे बड़ा आरोप यह है कि झगड़े के दौरान 20-25 नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने हमला किया, लेकिन FIR में धारा 307 नहीं लगाई गई। घायलों का मेडिकल भी जिला अस्पताल से कराने की मांग की गई है।
*इंद्राज गुर्जर की चेतावनी: 'अब आर-पार की लड़ाई'*
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंद्राज गुर्जर ने एसडीएम कार्यालय के बाहर सभा को संबोधित करते हुए कहा, "कल्याणपुरा में गरीब किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। मृत लोगों के नाम पर तकासमा कर दिया। प्रशासन मूकदर्शक बना है। मैं अधिकारियों को खुली चुनौती देता हूं – 15 दिन में न्याय नहीं मिला तो एसडीएम कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव होगा। किसान अब आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।"
*'सामाजिक संगठनों का मिला साथ'*
इस मौके पर जिला सरपंच संघ अध्यक्ष मेहर सिंह धनखड़ ने कहा कि सरपंच संघ पीड़ितों के साथ खड़ा है। फूल ब्रिगेड अध्यक्ष राम सिंह सैनी और सैनी समाज जिला अध्यक्ष हनुमान सैनी ने भी प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया।
*ये रहे मौजूद*
ज्ञापन देने वालों में बड़नगर सरपंच रामकरण, रेगर समाज अध्यक्ष राजीव दहवाल, समाजसेवी ओपी बायला, वरिष्ठ नेता रामनिवास यादव, युवा नेता महेश चोयरीय, पावटा अध्यक्ष राम सिंह सैनी, पूर्व सरपंच जोधपुरा वंशी गेट, महावीर चावला, गणेश सैनी भाकरी, मालीराम बॉडीगर, विकास यादव सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कल्याणपुरा के ग्रामीण शामिल थे।
*क्या है मामला*
ग्रामीणों का आरोप है कि सरसामलात भूमि में नियमों को ताक पर रखकर खसरा बनाया गया और मृतकों की जमीन का तकासमा कर दिया गया। विरोध करने पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया, लेकिन पुलिस ने हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया।