योग प्रशिक्षकों ने 5 साल से उम्मीदों का इंतजार कर उठाई आवाज, योग दिवस बहिष्कार की दी चेतावनी

AYUSH ANTIMA
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बहरोड़: आयुर्वेद विभाग में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटपूतली-बहरोड़ श्रीमती अपर्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर सरकार और विभाग का ध्यान आकर्षित किया। योग प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे 11 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले योग दिवस कार्यक्रमों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे। योग प्रशिक्षकों ने इसके साथ ही आयुष विभाग के कोटपूतली-बहरोड़ उपनिदेशक डॉ.मुकेश आर्य को भी ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया। उनका कहना है कि पिछले लगभग 5 वर्षों से लगातार सेवाएं देने के बावजूद न तो वेतन वृद्धि की गई है और न ही पद को फुल टाइम किया गया है। इतने लंबे समय तक मेहनत और समर्पण के बाद भी योग प्रशिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि योग केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा अभियान है, लेकिन जिन प्रशिक्षकों के माध्यम से योग को घर-घर पहुंचाया जा रहा है, उन्हीं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें यह कठोर निर्णय लेना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष बाबूलाल, प्रदीप मेहता, रविन्द्र, सुनील, संदीप, विष्णु, संगीता, अनीता, शीला, हेमंत, राजबीर सहित अनेक योग प्रशिक्षक उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि "जो लोग वर्षों से समाज को स्वस्थ रखने का संदेश दे रहे हैं, आज वही अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। हमारी मांगें किसी सुविधा की नहीं बल्कि हमारे परिश्रम और सेवा के उचित सम्मान की हैं।" उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेकर योग प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी।

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