नीमराना (रिंकू बड़सीवाल): जनजातीय समुदायों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को नीमराना कस्बे स्थित फ्यूचर कोचिंग सेंटर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को जनजातीय समुदायों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों तथा न्याय प्राप्ति के उपलब्ध साधनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में पीएलवी सुनील कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है तथा अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों को शिक्षा, रोजगार, भूमि एवं वन अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने का आह्वान किया। शिविर के दौरान वन अधिकार अधिनियम-2006, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, श्रमिक अधिकार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, भेदभाव, भूमि विवाद, मजदूरी संबंधी समस्या, घरेलू हिंसा, बाल विवाह अथवा अन्य कानूनी मामलों में पीड़ित व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों की कानूनी समस्याओं का समाधान भी किया गया तथा उनके प्रश्नों के उत्तर देकर विधिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं से समाज में विधिक साक्षरता का संदेश प्रसारित करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर फ्यूचर कोचिंग सेंटर के निदेशक दिनेश सैनी, मधु सैनी, निरंजन सैनी, नेहा, भूमि, गगन, तनु, नवीन कुमार, अंश, अरविंद, करण, अंशु सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।