निवाई (लालचंद माली): किसान महापंचायत की बैठक कृषि उपज मंडी समिति स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण में आयोजित हुई, जिसमें नहर के पानी की मांग को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष गणेश नारायण मीना, उपाध्यक्ष शंकर मीना, कमलेश जाट, कोषाध्यक्ष मोहनलाल खोडा का खेड़ा, पंचायत अध्यक्ष पलेई सूरज नारायण सहित कई पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे। किसान महापंचायत के ब्लॉक अध्यक्ष दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि करीब तीन घंटे तक चले मंथन के बाद निर्णय लिया गया कि 23 दिसंबर को नहर के पानी की मांग को लेकर हजारों की संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा एकजुट होंगे। बैठक में किसानों ने कहा कि निवाई क्षेत्र की जमीन का अधिग्रहण कर जयपुर के रामगढ़ सहित भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा एवं सवाई माधोपुर जैसे क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन बांध के आसपास बसे किसानों को पानी से वंचित रखा जाना न्यायसंगत नहीं है। किसानों ने बताया कि पानी की मांग को लेकर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में 303 किलोमीटर की पांच दिवसीय यात्रा भी निकाली जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला कलेक्टर टोंक से निवाई क्षेत्र को सिंचित क्षेत्र घोषित करने हेतु प्रस्ताव राजस्थान सरकार को भेजने का आग्रह किया गया था, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 23 दिसंबर को प्रस्तावित किसान सभा में उपराष्ट्रपति, हाईकोर्ट के न्यायाधीश, राजस्थान के पूर्व सचिव, पूर्व पुलिस अधीक्षक, पूर्व मुख्य चीफ इंजीनियर एवं समाजसेवी किसानों को आमंत्रित करने पर भी विचार किया गया। सभा को सफल बनाने के लिए प्रत्येक गांव से कम से कम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर किसानों को लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए गांव-गांव में पोस्टर, बैनर और पीले चावल देकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।