बीकानेर: बीकाजी ग्रुप के एमडी शिवरतन अग्रवाल की अंतिम यात्रा में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए महिला आरक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कानून 2023 में ही पास हो चुका है और मौजूदा मुद्दा परिसीमन से जुड़ा है। यह एक एक "सोचा-समझा षड्यंत्र" है। पचपदरा में रिफाइनरी के लिए भारत सरकार एवं एचपीसीएल ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26 प्रतिशत हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है। सामान्यत: रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है। ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है, जिससे उनकी भरपाई हो जाती है। राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा, परन्तु इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी। मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की 'एबीसीडी' भी मालूम नहीं है।उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं। गहलोत ने कहा कि भाजपा सता में है और विपक्ष पर हमला करते है। वे घबराएं हुए है। मुख्यमंत्री सहित अन्य नेता तथ्यों के साथ नहीं बोलते। लोग हंसते है। होना तो यह चाहिए कि विपक्ष हमलावर हो। पर भाजपा नेता व सीएम विपक्ष पर हमले करते है। हम सहयोग करने के लिये तैयार है। हमें बुलाएं हमसे बात करें लेकिन वे ऐसा करते नहीं है।
*नाल एयरपोर्ट पर किया स्वागत*
इससे पहले नाल एयरपोर्ट पर पहुंचते ही पूर्व मंत्री डॉ.बीडी कल्ला, गोविन्दराम, भंवरसिंह, महेन्द्र गहलोत, शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, ओबीसी शहर महिला अध्यक्ष उमा करल, देहात अध्यक्ष ओमप्रकाश सैन, जियारउर रहमान, राहुल जादूसंगत, यशपाल गहलोत, मनोज किराडू सहित अनेक जनों ने स्वागत किया।