निवाई (लालचंद माली): जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल भार्गव एवं सीओ पीपलू रामवतार के सुपरविजन में साइबर थाना टोंक और पीपलू पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो डिजिटल निवेश के नाम पर देश भर में ठगी का जाल फैलाए हुए थे।
*इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप बने ठगी के हथियार*
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी इन्वेस्टमेंट और फोरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। ठगी की राशि को सुरक्षित ठिकाने लगाने के लिए ये आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर क्यूआर कोड (स्कैनर) भेजकर पैसे सीधे अपने बैंक खातों में मंगवाते थे। इन खातों में लाखों रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।
*कमीशन के लालच में बने 'मनी म्यूल'*
गिरफ्तार आरोपी खुद तो ठगी करते ही थे, साथ ही मुख्य साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले मोटा कमीशन वसूलते थे। पुलिस की तकनीकी जांच में इनके खातों में लाखों रुपयों का अवैध ट्रांजेक्शन मिला है, जिसका ये संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
*जांच जारी*
थानाधिकारी राजकुमार बिड़ला ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों के बड़े साइबर ठगों से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।