पीबीएम में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाएंगे पूर्व पार्षद

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। राजनीति की भेंट चढ़ चुकी पीबीएम में न केवल अव्यवस्थाओं का आलम है। बल्कि यहां लगे संविदाकर्मियों का भी शोषण किये जाने की बातेें खुलकर सामने आने लगी है, जिसके चलते ठेका कंपनी के खिलाफ संविदाकर्मी आन्दोलनरत है, परन्तु उनकी सुनवाई न तो ठेकेदार कर रहे है और न ही पीबीएम प्रशासन। इसको लेकर पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई व आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने बुधवार को पीबीएम अधीक्षक डॉ.बीसी घीया का घेराव कर व्यवस्थाएं सुधारने की हिदायत दी। ऐसा न होने की स्थिति में बड़ा आन्दोलन करने की बात भी कही। विश्नोई ने डॉ.घीया से कहा कि अस्पताल में नि:शुल्क दवाएं नहीं है, हालात यह है कि सामान भी बाहर से लाना पड़ रहा है। जनाना अस्पताल में साफ सफाई नहीं होने व पानी की उचित सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती माताओं को परेशानी होती है। सुरक्षा गार्डों सहित अनेक संविदाकर्मियों को नियमित रूप से वेतन नहीं मिल रहा है। ऐसे में कम वेतन भोगी कार्मिक अपने परिवार का गुजारा कैसे करें। 

*गार्डों के आन्दोलन का किया समर्थन*

अपने वेतन की मांग को लेकर पिछले तीन चार दिन से आन्दोलनरत सुरक्षा गार्डों के वेतन को लेकर चल रहे आन्दोलन का समर्थन करने पहुंचे पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई, आप के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, महासचिव प्रो.सलवीर समेजा आदि ने पीबीएम अधीक्षक को तत्काल वेतन दिलाने की मांग की। विश्नोई व आप नेताओं ने आरोप लगाए कि पीबीएम प्रशासन ठेकेदार के दबाव मेंं काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश ठेके विधायकों के समर्थकों के होने के कारण पीबीएम प्रशासन मजबूर है। 

*समाजसेवियों की बढ़ रही पंचायती*

इन नेताओं ने आरोप लगाया कि पीबीएम में समाजसेवियों की पंचायती लगातार बढ़ती जा रही है। समाजसेवी ठेकेदारों से सांठगांठ कर मनमानी कर रहे है। कई समाजसेवियों ने तो पीबीएम के नाम से सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर वहां नई भर्ती के विज्ञापन कर रहे है, जबकि इन समाजसेवियों का न तो भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार का लेना देना होता है और किसी ठेकेदार के कार्यों का गुणगान करना। किन्तु इन समाजसेवियों ने राजनेताओं के दलालों से मिलकर अन्दरखाने में कार्मिकों को लगाने का कार्य कर रहे है और प्रशासनिक निजता को भंग करने का काम कर रहे है। 

*ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दे दिया ठेका*

विश्नोई ने वार्ता के दौरान आरोप लगाया है कि पन्नाधाय नाम की कंपनी को सुरक्षा गार्डों का ठेका दिया गया है, जो ब्लैक लिस्टेड कंपनी है। इसके तथ्य भी वे प्रस्तुत कर देंगे। अगर राजनेताओं की सांठगांठ से पीबीएम में ब्लैक लिस्टेड कंपनी का ठेका निरस्त नहीं किया गया तो आन्दोलन किया जाएगा।

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