पुलिस की वर्दी अधिकार नहीं, कर्तव्य: आईजी

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: राजस्थान पुलिस का 77वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस जवानों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य अतिथि आईजी रेंज ओमप्रकाश की उपस्थिति में पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए डीजीपी डिस्क, प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया, जबकि एसपी मृदुल कच्छावा ने सराहनीय कार्य करने वाले तीन कांस्टेबलों को 'कांस्टेबल ऑफ द मंथ अवार्ड दिया। साइबर सेल के गोविन्द सिंह, ट्रैफिक के देवीलाल और रणजीतपुरा के मोबताराम को कांस्टेबल ऑफ द मंथ से नवाजा गया। इस दौरान विकास विश्नोई को दूसरी बार डीजीपी डिस्क से सम्मानित किया गया। पुलिस लाइन ग्राउंड में बैंड की धुन पर आरएसी, ट्रैफिक और पुलिस जवानों द्वारा भव्य परेड की गई। पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए पौधारोपण और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

*16 अप्रैल को मनाया जाता है राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस*

राजस्थान में पुलिस के समस्त विभाग 16 अप्रैल को राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस मनाते हैं। 16 अप्रैल 1949 को सभी रियासतों की पुलिस ने विलीनीकरण करके राजस्थान पुलिस की स्थापना की थी। आईजी ओमप्रकाश ने कहा कि पुलिस की वर्दी अधिकार नहीं, कर्तव्य है। यह संदेश कांस्टेबल से लेकर उच्च अधिकारियों तक सभी के लिए है। उन्होंने कहा कि समाज की शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा करना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। स्थापना दिवस पुलिस के लिए गौरव और संकल्प का दिन होता है, जब उन्हें अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पण की शपथ लेनी चाहिए।उन्होंने समाज की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वे बोले-पुलिस समाज के हर वर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद जरूरी है। पुलिस का जितना आमजन से संपर्क होगा, अपराधियों पर उतनी ही लगाम लगेगी। उन्होंने स्कूल-कॉलेज में जाकर जागरूकता के लिए काम करने का भी आह्वान किया। पुलिस को कार्यशैली में पारदर्शिता लाने की अपील की। साथ ही कहा कि समाज को पुलिस के साथ कदम मिलाकर चलना होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि राजस्थान पुलिस अपनी गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप कानून व्यवस्था शांति एवं सद्भाव को बनाए रखने के साथ हिंसा और अपराध की रोकथाम के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। पुलिस के जवानों ने नागरिकों की जान माल की सुरक्षा के लिए अनेक अवसरों पर त्याग एवं बलिदान के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। पुलिस की कार्य प्रणाली में निरंतर सुधार लाने के साथ ही आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य कर पुलिस और निरंतर जनमित्र की भूमिका निभाने के लिए भी तत्पर है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर को ध्यान में रखकर सदैव नागरिकों की सेवा के लिए तत्पर रहें।
*ये अधिकारी रहे मौजूद*
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चक्रवर्ती सिंह राठौड, बनवारी लाल मीणा, सीओ सदर अनुष्का, सीओ सिटी अनुज डाल सहित सभी थानों के थानाधिकारी, जवान, आरएएसी के जवान, महिला पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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