भाजपा स्थापना दिवस मनाने की प्रासंगिकता

AYUSH ANTIMA
By -
0


भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस, जो हर वर्ष 6 अप्रेल को मनाया जाता है। पार्टी के लिए केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि अपनी विचारधारा, सेवा और समर्पण को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। 6 अप्रेल 1980 को स्थापित भाजपा 2026 मे अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही हैं। स्थापना दिवस का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वीतिय और स्वयं अंत की विचारधारा को दोहराना है। यह दिन पार्टी की विचारधारा और राष्ट्र के प्रति सेवा के संकल्प को मजबूत करने के साथ ही भाजपा की विचारधारा के प्रबल समर्थक स्वर्गीय श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्री दीनदयाल उपाध्याय व भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह व राजनीति में अजात शत्रु श्री अटल बिहारी वाजपेई जैसे संस्थापकों के आदर्शों के सात्विक और सनातनी जीवन मूल्यों को याद करने और आत्मसात करने का अवसर है। इस दिन भारतीय जनता पार्टी अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं के समर्पण को सम्मान देती है व जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रेरित भी करती है। इसके साथ ही 14 अप्रेल को संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती है तो भाजपा इसे सामाजिक न्याय सप्ताह व सेवा सप्ताह के रूप में मनाते हुए जन कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करती है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 के सुदृढ़ व शक्तिशाली भारत राष्ट्र बनाने के विजन की परिकल्पना को साकार करने को लेकर मंथन भी किया जाता है। संगठनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो स्थापना दिवस पर बूथ स्तर पर झंडा फहराने व बैठको के माध्यम से संगठन को मजबूत व एकजुटता का शंखनाद भी किया जाता है। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का बयान भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओ के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की राष्ट्रवादी सोच और प्रेरणा से जन्मी भाजपा महज एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि राष्ट्र के निर्माण का एक संकल्प भी है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!