बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर 16 जिलों के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया। 16 जिलों में मुस्लिम बाहुल्य जिले मुर्शिदाबाद और मालदा जिले भी शामिल हैं। बंगाल में बंपर वोटिंग से गदगद ममता बनर्जी अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा नेताओं ने अपने चुनावी भाषणों में ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर बड़े हमले बोले थे लेकिन ममता बनर्जी को मुस्लिम वोट बैंक पर पूरा भरोसा है। भाजपा ममता बनर्जी पर हमलावर रही है कि ममता ने रोहंगियो को बंगाल मे वोटर बना दिया लेकिन इसको लेकर उन तथ्यों पर भी नजर दोड़ानी होगी कि यह रोहंगिये अंतरराष्ट्रीय बोर्डर पार करके भारत में कैसे घुसे। सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केन्द्रीय सरकार की है और यह उसकी विफलता का ही परिणाम है कि यह रोहंगिए बंगाल में ही नहीं बल्कि पूरे देश में कुकरमुत्ते की तरह फैले हुए हैं लेकिन इस समस्या को लेकर राज्य सरकारें भी दोषी है कि उनको आधार कार्ड, राशन कार्ड व वोट देने की सुविधा प्रदान की जाती है। ममता बनर्जी का दावा है कि बंपर वोटिंग एसआईआर के विरोध स्वरूप प्रदर्शन है तभी लोगो ने इतनी बड़ी संख्या में वोट देने के लिए घरों से निकले। इसके विपरीत भाजपा नेताओं का दावा है कि बंगाल में सुरक्षित माहोल के लिए मतदाताओं ने बंपर मतदान किया। लोगो के मन में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन के प्रति नाराजगी है, इसलिए लोगों ने इतनी बंपर वोटिंग की है। मतदान के बाद भाजपा 152 सीटों में से 125 सीटों पर व टीएमसी 100 सीटों पर जीत का दावा कर रही है। 2021 के चुनावों में इन 152 सीटों में से भाजपा 59, टीएमसी ने 92 सीटों पर कब्जा किया था। वैसे इन दावों में कितना दम है, 4 मई को परिणाम आने पर पता चल जायेगा। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को है। बंगाल में यदि कांग्रेस की स्थिति देखें तो शून्य ही नजर आती है। हालांकि कांग्रेस ने सभी 294 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं लेकिन उसकी स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राहुल गांधी ने बंगाल में कोई बड़ी सभा नहीं की। राहुल गांधी के एक बयान से भाजपा मनमुग्ध है, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी की जनहित विरोधी नीतियों के कारण बंगाल में भाजपा सरकार के अवसर बन रहे हैं।
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