बीकानेर: आठ साल के अंतराल बाद हुए बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के निर्वाचन में अधिवक्ता मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवा से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जोश व जूनून के साथ मतदान प्रणाली में भागीदारी निभाई, जिसके चलते 80.61 प्रतिशत के करीब मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मिली जानकारी के अनुसार 3166 मतदाताओं में से 2552 मतदाताओं ने वोट दिया। बुधवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है। पहले दो घंटे में गति थोड़ी धीमी जरूर रही लेकिन दिन गुजरने के साथ मतदाताओं ने पूरे जोश के साथ अपने समर्थकों को वोट डाले। वोटिंग के दौरान पुरानी बिल्डिंग परिसर में मेले सा माहौल देखने को मिला। पोलिंग के लिये तीन बूथ बनाए गये थे।
*अखबार के साइज का मत पत्र*
बार काउंसिल के चुनाव में ऐसा पहली बार है, जब मत पत्र भी अखबार की साइज में हैं, जिसमें एक मतदाता को 23 जनों को वोट देना था। इस बार के चुनाव में सबसे खास बात महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है, जहां कुल 234 उम्मीदवारों में से 57 महिला अधिवक्ता अपनी किस्मत आजमा रही हैं। बीकानेर में दो महिला चुनावी समर में है। बार अध्यक्ष अजय पुरोहित के अनुसार, कुल 23 पदों के लिए हो रहे इस चुनाव में 18 पुरुष और 5 महिला सदस्य चुने जाएंगे। पोलिंग टीम हर वोटर को बैलेट पेपर देने के साथ ही वोट कास्टिंग और बैलेट बॉक्स में डालने की प्रक्रिया भी बता गई।
*सुरक्षा के कड़े इंतजाम*
चुनाव को निष्पक्ष और शांति पूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बार परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। बिना पहचान पत्र के एंट्री नहीं दी जा रही है। निर्वाचन अधिकारियों की टीम हर गतिविधि पर नजर रखे थे ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की कोई परेशानी न हो। फिलहाल, परिसर में चुनावी चर्चाएं और हार-जीत के समीकरणों का दौर जोरों पर है।100 मीटर की दूरी में बैरिकेटिंग की गई। वोटिंग कैंपस के आस-पास प्रत्याशियों के समर्थक वोटर्स को लुभाने में लगे रहे। बार काउंसिल की वोटिंग में मौसम की तेज गर्मी का असर भी देखने को मिला।इन चुनावों को लेकर काफी सख्ती बरती गई। वोटिंग केंद्र में मोबाइल ले जाने पर बैन किया गया। वहीं बिना आइडेंटी कार्ड के एंट्री भी नहीं दी जा गई। मतदान के बाद सभी मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएंगी, जो अगले दिन पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेंगी। 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी।
*कोई आया व्हीलचेयर पर, किसी को लाए गोदी में*
चुनाव के उत्साह का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। अपने स्वास्थ्य के विपरित भी कुछ अधिवक्ता व्हीलचेयर पर वोट देने आए तो किसी को गोदी में उठाकर मतदान स्थल तक लाया गया। घरों से भी वाहनों के जरिये मतदाताओं को लाने ले जाने का क्रम चलता रहा। मतदाताओं को वोटिंग में परेशानी न हो, इसके लिये सभी प्रत्याशियों के समर्थकों ने टेबलें लगा रखी थी, जिस पर वोटर्स को उसका क्रम बताया जा रहा था।