जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): हाल ही में संसद में पारित नारी शक्ति वंदन विधेयक (महिला आरक्षण बिल) के संदर्भ में भजन लाल शर्मा द्वारा एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र आयोजित किया गया। इस संवाद में राज्यभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा महिला प्रकोष्ठों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले इस ऐतिहासिक निर्णय के महत्व, प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और इससे देश की राजनीतिक संरचना में सकारात्मक बदलाव आएगा। इस अवसर पर स्वामी केशवानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SKIT) के महिला प्रकोष्ठ की सदस्याओं ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने अपने विचार साझा करते हुए इस पहल का स्वागत किया और इसे महिलाओं के नेतृत्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने युवा छात्राओं को राजनीति एवं सामाजिक नेतृत्व में आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस विधेयक के सफल क्रियान्वयन के प्रति आशा व्यक्त की और इसे भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।