कोटपूतली-बहरोड़ (सुनील दत्त शर्मा): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान में राजीविका के माध्यम से महिलाएं प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है तथा परिवार को भी आत्मनिर्भर बना रही है। इसी प्रकार कोटपूतली-बहरोड़ जिले की महिलाएं भी राजीविका के माध्यम से लखपति दीदी बनने के सपने को साकार कर रही हैं।
राजीविका की डीपीएम अनुपमा सक्सेना ने बताया कि राज्य सरकार के विगत 2 वर्षों में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत जिले में 21 हजार 805 महिलाओं को लखपति दीदी श्रेणी में लाने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इससे 16 हजार 192 महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी है। इसी प्रकार 1147 स्वयं सहायता समूह के 12 हजार 165 परिवार लाभान्वित हुए, इसमें 1087 बचत खाते खुलवाए तथा 80 से भी ज्यादा रोजगार परख प्रशिक्षण आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि 1616 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फण्ड के रूप में 2 करोड़ 48 लाख 45 हजार रूपए तथा 1042 स्वयं सहायता समूहों को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फण्ड के रूप में 8 करोड़ 12 लाख रूपए उपलब्ध करवाए गए। डीपीएम ने बताया कि 3015 स्वयं सहायता समूह को ऋण के रूप में 10176.52 रूपए (लाख में) क्रेडिट लिंकेज राशि के रूप में उपलब्ध करवाई गई। वहीं लाईवलीहुड के अंतर्गत 6 ब्लॉक के लगभग 150 गांवों मे लगभग 7500 परिवारों के साथ आजीविका संवर्धन का कार्य प्रत्यक्ष रूप से किया जा रहा है, जिसमें 169 कृषि सखी, 169 पशु सखी, 15 एआरपी व 15 एलआरपी कार्यरत है। इनके माध्यम से जैविक खेती, जैविक खाद व छिडकाव श्रीविधि पद्धति को बढावा देने के साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि जिले में 1 एफपीओ, 11 पशु उत्पादक समूह, 11 कृषि उत्पादक समूह, 3 आईएफसी संचालित किये जा रहे है एवं 2 सीएचसी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि जिले से 18 नमो ड्रोन दीदी का चयन कर राज्य मुख्यालय पर प्रेषित किया गया। उन्होंने बताया कि कोटपुतली-बहरोड़ में 1 गैर कृषि उत्पादक समूह स्थापित किया गया हैं और उनमे 150 से अधिक महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है।