झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): मलेरिया-डेंगू की रोकथाम और समय रहते मच्छरों पर नियंत्रण के लिए 1 अप्रैल से 15 मई तक मलेरिया क्रैश कार्यक्रम का प्रथम चरण आयोजित होगा। सीएमएचओ डॉ.छोटेलाल गुर्जर ने सभी स्टॉफ के आगामी डेढ़ माह में की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में निर्देश जारी कर टीम को एक्टिव मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार लगातार विक्षोभ के कारण बारिश भी हो रही है, जिससे मच्छरों के पैदा होने के लिए अनुकूल स्थितियां बनी हुई हैं अतः अभी से मच्छर रोधी गतिविधियां तेज करनी होगी। इसके लिए उन्होंने 845 टीम बनाई हैं, जो डैली फील्ड में उतरकर एंटी लार्वा गतिविधियों सहित आमजन को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव की जानकारी देंगी। सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने इस संबंध में बनाई हुई एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ.कुलदीप फौजदार एवं आरआर टीम को बुधवार से एक्टिव मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने आमजन से अनुरोध किया है कि अपने आपको और परिवारजन को डेंगू, मलेरिया जैसे खतरनाक रोगों से बचाव के लिए अपने घरों में मच्छर पैदा ना होने दे। स्वयं एंटी लार्वा गतिविधि कर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक कर जिम्मेदार नागरिक बने।
*ऐसे करेंगे मलेरिया और मच्छरों का सफाया*
डिप्टी सीएमएचओ डॉ.भंवर लाल सर्वा ने बताया कि मलेरिया क्रैश कार्यक्रम के अंतर्गत मच्छर के प्रजनन स्थलो पर सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टी एडल्ट व आईईसी गतिविधिया संपादित की जायेगी। लार्वा प्रदर्शन के माध्यम से समुदाय को जागरूक कर समय पूर्व समुदाय को मच्छर जनित रोगो से बचाव की जानकारी दी जायेगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लोगो को मच्छर जनित रोगो से बचाव के बारे अवगत करवाया जायेगा। पॉजिटीव केसो के लिये समयबद्व सोर्स रिडक्शन, एन्टीलार्वल, एन्टी एडल्ट व आईईसी गतिविधिया करवायी जानी है। मलेरिया क्रैश कार्यक्रम प्रथम चरण के दौरान बायोलोजिक कन्ट्रोल के तहत हैचरी को क्रियाशील करना व स्थाई जल सोत्रो मे गम्बुशिया डालने जैसी गतिविधियां सुनिश्चित की जाएगी।