नकली किताबें से सावधान रहें: बच्चों का भविष्य असली किताबों में है

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि बाजार में कुछ विक्रेता पाठ्य पुस्तक मंडल की किताबों की नकली प्रतियों का भंडारण कर बेच रहे हैं जो कि न केवल कानूनन अपराध है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार के अधीन पाठ्य पुस्तक मंडल उच्च गुणवत्ता की प्रामाणिक एवं उच्च स्तर की मानक पुस्तकों का प्रकाशन एवं वितरण करता है। वहीं काला बाजारी करने वाली कुछ प्रिंटिंग प्रेस व पुस्तक विक्रेता घटिया गुणवत्ता वाले कागज व हानिकारक केमिकल युक्त स्याही का उपयोग कर नकली पुस्तकें कालाबाजारी से बेच रहे हैं, जो कि बच्चों के लिए स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इससे राजकोष को भी नुकसान पहुंच रहा है। मंडल ने आमजन से राजस्थान सरकार द्वारा अधिकृत एवं प्रमाणिक मानक पुस्तक ही खरीदने की अपील करते हुए बताया कि पुस्तक खरीदते समय उसके कागज की क्वालिटी एवं उसके ऊपर लगा वाटर मार्क (आरएसटीबी) की भी जांच करें। मंडल ने बताया कि विक्रेताओं द्वारा नकली पुस्तक बेचते हुए पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, जिसमें बड़ी शास्ति आरोपित करने व मुकदमा दर्ज करने का भी प्रावधान है।

*यह है पाठ्य पुस्तक मंडल की प्रक्रिया: राजकीय विद्यालय में पढ़ने पर निशुल्क मिलती हैं पुस्तकें*

पुस्तक विक्रेता अपना रजिस्ट्रेशन पाठ्य पुस्तक मंडल के यहां करवाते हैं, इसके पश्चात पुस्तकें प्रकाशित की जाती हैं। इसके बाद जिला स्तर पर वितरण केंद्र के माध्यम से विक्रेता पुस्तकें क्रय करते हैं। वहीं राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से पुस्तक निशुल्क वितरित की जाती हैं। निजी शिक्षण संस्थाएं भी मांग कर वितरण केंद्र से पुस्तकें क्रय कर सकती हैं।

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