पुजारी सेवक महासंघ की एकजुटता का असर: सरकार ने मानी मांगें, नेताओं का जताया आभार

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): पुजारी सेवक महासंघ, राजस्थान की वर्षों की संगठित, अनुशासित और सतत संघर्षपूर्ण मुहिम का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। प्रदेश भर के पुजारियों की समस्याओं के समाधान के लिए महासंघ द्वारा लगातार आयोजित महासम्मेलनों, ज्ञापनों और धरना-प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने संगठन की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर राहत प्रदान की है। खाटू श्यामजी व झुंझुनू में आयोजित अधिवेशन के बाद सरकार द्वारा पुजारियों के हित में लिए गए निर्णयों पर महासंघ के संयोजक पंडित महेश बसावतिया ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तथा स्वायत्त शासन मंत्री मदन दिलावर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगठन की एकता, अखंडता और वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महासंघ ने पिछले कई दशकों से पुजारियों के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक अधिकारों को लेकर 11 सूत्रीय मांगों के अनुरूप हर स्तर पर आंदोलन किया। ज्ञापन, धरना और महासम्मेलनों के माध्यम से सरकार तक पुजारियों की आवाज पहुंचाई गई, जिसका परिणाम अब धीरे-धीरे मिल रहा है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रामू, राजेंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की तन-मन-धन से की गई मेहनत ने पुजारियों के हितों की लड़ाई को मजबूत बनाया है। प्रदेश महामंत्री रतन लाल शर्मा और कोषाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा व सीकर जिला अध्यक्ष शंकरलाल शर्मा ने भी सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया। झुंझुनूं जिला अध्यक्ष विनोद पुजारी तथा अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की एकजुटता से ही समाज को अधिकार मिलते हैं और आगे भी पुजारियों के कल्याण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि सभी संभाग, जिला और तहसील स्तर के कर्मठ कार्यकर्ताओं की निष्ठा और समर्पण का परिणाम है। संगठन ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी सरकार पुजारियों की शेष मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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