सुदामा चरित्र, भागवत सार और यज्ञ महिमा के साथ सम्पन्न हुआ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): स्थानीय स्काउट गाइड मैदान में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के अंतिम दिवस पर कथा वाचक इस्कॉन मंदिर अमेरिका के लाल गोविंद दास महाराज ने सुदामा चरित्र, भागवत के सार तथा यज्ञ की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज श्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत का सार यही है कि कलियुग में भगवान की भक्ति, नामस्मरण और सत्संग ही मोक्ष का सरल एवं सुलभ मार्ग है। भागवत हमें प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन के ज्ञात-अज्ञात पाप नष्ट होते हैं और अंततः परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्राप्त होता है।
सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता, निष्काम भक्ति और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण सुदामा हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा के प्रेम और भाव को स्वीकार कर यह सिद्ध किया कि प्रभु भक्त के प्रेम के आगे धन-दौलत का कोई मूल्य नहीं रखते। भगवान भाव के भूखे हैं, वस्तु के नहीं।
यज्ञ की महिमा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल अग्नि में आहुति देना नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, लोभ, क्रोध और विकारों की आहुति देना ही सच्चा यज्ञ है। यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कथा के समापन पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूर्णाहुति दी गई। पूर्णाहुति के समय श्रद्धालुओं ने भगवान से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की, तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विमल, पुष्पा शर्मा, प्रदीप, रेखा शर्मा, राजकुमार, सुजाता शर्मा, सुनील, प्रेरणा शर्मा, आदित्य, शिखा, नेहा, कविता, नूपुर, चित्रा, उमेश, अभिषेक, राहुल, परीक्षित, धनंजय, देविक, अनायरा सहित बड़ी संख्या में
शहर के गणमान्य नागरिकों सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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