जयपुर (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल शेखावाटी क्षेत्र में लाने के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं केन्द्र सरकार के सकारात्मक मार्गदर्शन से राज्य सरकार ने हरियाणा से एमओयू कर अपने हिस्से का पानी लाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान और हरियाणा के बीच 17 फरवरी 2024 को संयुक्त डीपीआर तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों राज्यों द्वारा संयुक्त टास्क फोर्स का भी गठन किया था। फोर्स से नियुक्त सलाहकारों की ओर से सुझाए गए अलाइनमेंट पर हरियाणा की लिखित स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। रावत ने बताया कि दोनों राज्यों द्वारा तैयार संयुक्त डीपीआर जल्द ही केन्द्रीय जल आयोग को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद विभिन्न विभागों की आवश्यक मंजूरियों प्राप्त कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रतीक्षित परियोजना के लिए राज्य बजट 2026-27 में 32 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि यह परियोजना सीकर, चूरू, झुंझुनूं और अन्य क्षेत्रों की 30 वर्षों से प्रतीक्षित पेयजल और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। परियोजना से क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाया जा सकेगा। रावत ने बताया कि यमुना जल के वर्ष पर्यन्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हथिनीकुंड बैराज के ऊपर यमुना बेसिन में तीन बांधों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इनमें से 2 बांध, रेणुकाजी व लखवार का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।
शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
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February 19, 2026
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