निवाई (लालचंद सैनी): झिलाय रोड़ स्थित कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने व्यापार मंडल के अध्यक्ष ओमप्रकाश जैन चंवरिया व उपाध्यक्ष रामस्वरूप चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ो बाइक रैली के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि सरसों की सीधी खरीद को लेकर कृषि उपज मंडी के सचिव कमल किशोर सोनी के द्वारा धोखे से कुछ व्यापारियों के आने वाले सीजन की व्यवस्थाओं का नाम लेकर स्वयं के निवास पर बैठक बुलाकर सरसों की सीधी खरीद के कंपनियों व FPO (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) बुलाने के लिए कुछ व्यापारियों से हस्ताक्षर करवा लिए, जो अनुचित है। इसका सभी मंडी व्यापारियों ने विरोध किया। सचिव द्वारा अवगत करवाया गया कि उन्होंने सभी व्यापारियों की सहमति इस विषय पर ले ली है लेकिन व्यापारी वर्ग ने किसी तरह की कोई सहमति इस विषय पर मंडी सचिव को नहीं दी है। मंडी सचिव ने 6 फरवरी को व्यापारियों के साथ बैठक की थी और सिर्फ आने वाले रबि की फसल के लिए मंडी परिसर में सुव्यवस्था के लिए की थी, जिसमें कुछ विशेष मुद्दे इस प्रकार थे। किसानों की पार्किंग व्यवस्था, कैमरे की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, कैंटीन की व्यवस्था, किसान के लिए रहने की व्यवस्था व रात्रि में लाईट की व्यवस्था, पुलिस प्रशासन की व्यवस्था, प्लेटफार्म की व्यवस्था आदि विषयों पर चर्चा की गई थी। इस पर व्यापारियों ने अपनी सहमति जताई थी। इसके अलावा अन्य किसी भी मुद्दे या विषय पर व्यापारियों ने अपनी सहमति नहीं दी परंतु मंडी सचिव द्वारा व्यापारियों को सीधी खरीद के लिए सहमति जताई गई है। ऐसा अवगत करवाया गया है, जो किसी भी प्रकार से सही नहीं है। जबकि निवाई कृषि उपज मंडी राजस्थान में तीसरे नंबर की मंडी कहलाती है। व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंडी सचिव द्वारा कंपनियों द्वारा सीधी खरीद फरोख्त की गई तो व्यापार मंडल इसका कड़ा विरोध करेगा व व्यापार अनिश्चितकाल के लिए बंद भी हो सकता है। इसके लिए चाहे हमें धरना प्रदर्शन करना पड़े या राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मिलना पड़े। इस दौरान व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामस्वरूप चौधरी, सुरेंद्र बेनीवाल, बुधराम चौधरी, राजेंद्र चौधरी, केदार खंडेलवाल, मुरारी पंडा, ताराचंद, शिवप्रकाश पारीक, पवन जैन सांवरिया, सत्यनारायण चौधरी, बबलू पंडा, राकेश बोहरा, विमल झिलाय, सुशील, लड्डू जैन, दीपक गुप्ता सहित सैकड़ो व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से उपखंड अधिकारी प्रीति मीणा को अवगत कराया।
*इनका कहना है*
किसी भी दुकानदार की आढत खत्म नहीं की जाएगी, दुकाने यथावत चलती रहेगी। किसानो को उचित दाम दिलवाने के लिए इस काम को किया जा रहा है, दुकानदारों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसान को जहां उचित दाम मिलेगा, वह अपना माल वहीं बेचेगा, यदि कंपनी वाला उचित दाम नहीं देगा तो वहां माल कैसे बेचेगा। अभी इस निर्णय को अंतिम रूप नहीं दिया गया है, केवल चर्चा की गई है, दुकानदार भी अपनी राय दे सकते हैं।
*कमल किशोर सैनी*
सचिव, कृषि उपज मंडी निवाई