आयुष औषधियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है: कुलपति प्रो.संजीव शर्मा

AYUSH ANTIMA
By -
0


जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): आयुष औषधियों की सुरक्षा, दुष्प्रभाव (ADR) की रिपोर्टिंग और भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी जैसे अहम विषयों पर 27 एवं 28 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य आयुष फार्माकोविजिलेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाना और रिपोर्टिंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में पांच तकनीकी सत्र हुए। इन सत्रों में विशेषज्ञों ने आयुष औषधियों की सुरक्षा, दुष्प्रभावों की पहचान और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, भ्रामक विज्ञापनों की शिकायत कैसे करें तथा आयुष सुरक्षा पोर्टल के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर संबोधित करते हुए कहा कि आयुष मंत्रालय फार्माकोविजिलेंस को लेकर पूरी तरह सजग है और इस गंभीर विषय पर विशेष ध्यान दे रहा है।उन्होंने बताया कि मंत्रालय पिछले दस वर्षों से राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम को मजबूत और व्यापक बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कुलपति प्रो.संजीव शर्मा ने कहा, “आयुष औषधियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि हम दुष्प्रभावों की सही समय पर रिपोर्टिंग करेंगे तो मरीजों की सुरक्षा और विश्वास दोनों मजबूत होंगे। सभी चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।” इंटरमीडियरी फार्माकोविजिलेंस सेंटर के समन्वयक प्रोफेसर सुदीप्त रथ और सह-समन्वयक डॉ. तरुण शर्मा ने बताया कि देशभर में करीब 100 परिधीय केंद्र आयुष फार्माकोविजिलेंस के तहत कार्य कर रहे हैं। ये केंद्र आयुष औषधियों से संबंधित दुष्प्रभावों और भ्रामक विज्ञापनों की रिपोर्ट एकत्र कर आगे कार्रवाई के लिए भेजते हैं। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों से 20 जूनियर रिसर्च फेलो ने कार्यशाला में भाग लिया और आयुष सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम में संस्थान की कुलसचिव प्रोफेसर अनीता शर्मा, राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस केंद्र के समन्वयक एवं सह-समन्वयक, डीन, विभागाध्यक्ष, आयोजन समिति के सदस्य एवं पीएचडी और पीजी शोधार्थी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!