विराट हिंदू सम्मेलन में सामाजिक समरसता का संदेश

AYUSH ANTIMA
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पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): महाराणा प्रताप बस्ती, पिलानी में समस्त हिंदू समाज के तत्वावधान में राजगढ़ रोड रायला मोड़ पर विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन संत बाबा दशेहरा नाथ एवं श्री श्री 1008 महंत मोहनगिरि महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। आयोजन में समाज के सभी वर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। सम्मेलन के मंच पर समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों को एक साथ मंचासीन कर सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया गया। प्रमुख रूप से बनवारी धत्तरवाल, सुरेंद्र सिंह शेखावत, दुर्गा प्रसाद जांगिड़, प्रताप सिंह गोड, फूल सिंह खिचड़, चन्द्रभान स्वामी, मातुराम कुमावत, माडुराम सैनी, सीताराम नायक, बजरंग प्रजापति, डॉ.श्रीकांत गोड, मोती सिंह राठौड़, श्रवण चिराणियां, श्यामलाल वाल्मीकि सहित सर्व समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नितिन पाठक ने किया। मुख्य वक्ता अनिल दाधीच ने महाराणा प्रताप की वीर परंपरा का स्मरण कराते हुए राष्ट्र, धर्म और समाज की एकता पर बल दिया। गायत्री शक्ति पीठ पिलानी के तत्वावधान में सम्मेलन के दौरान 51 जोड़ों द्वारा सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बालक शुभ गजराज ने भारतीय सभ्यता के यशोगान पर आधारित कविता प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भाव विभोर किया। टैगोर स्कूल के विद्यार्थियों ने गणेश स्तुति एवं सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। हरचंद सांगवान, सुभाष एवं प्रमोद माजूं को ज़हर मुक्त जैविक खेती के लिए सम्मानित किया गया। 25 वर्ष से पूर्व सभी बच्चों का विवाह संपन्न कराने के लिए सत्यवीर महण, संयुक्त परिवार की मिसाल प्रस्तुत करने पर सत्यनारायण सैनी, धर्म जागरण हेतु घिसाराम, गौ सेवा एवं सामाजिक समरसता के लिए सुमेर स्वामी, मनोज जागीड़ एवं राजेंद्र सैन को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए डॉ.पवन चौधरी, सदस्य, राज्य स्तरीय दिशा कमेटी ने पंच परिवर्तन विषयों—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इन पंच परिवर्तनों के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। सम्मेलन में “हिंदू-हिंदू एक समान”, “प्रकृति की रक्षा ही धर्म की रक्षा” और “एक हिंदू–एक पेड़” के संदेश गूंजे। जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त समाज और भूमि संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। कुटुंब प्रबोधन को समाज की आधारशिला बताते हुए परिवारों को एकजुट रखने, संस्कारों के संरक्षण और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही “लोकल के लिए वोकल” का संदेश देते हुए स्वदेशी को संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया गया। विराट हिंदू सम्मेलन समिति के अध्यक्ष सिकंदर, नगर कार्यवाह विरेंद्र सिंह, हिंदू सेना मंत्री अरविंद सैनी एवं मनोहर ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अजीत, राजेश डाबर, सुशील सैनी, राजकुमार महला, महावीर सिंह डुडी, विकास बागड़वा, संदीप, बलवान खिचड़, सत्यवान, जितेंद्र सिंह शेखावत, मानसिंह श्योरान, सरोज, सुरेश, सत्यवीर जागीड़, लिलाधर, बुधराम, ओमप्रकाश सैनी, सत्यवीर झाझड़िया, राकेश केडिया, मुकेश शर्मा, मुनीश स्वामी, मोहित (नगर विस्तारक, पिलानी) सहित सैकड़ों लोगों का योगदान रहा। सम्मेलन का समापन “वसुधैव कुटुंबकम्” के भाव के साथ हुआ, जिसमें जाति-भेद से ऊपर उठकर सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

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