निवाई (लालचंद सैनी): बस स्टैंड पर स्थित नगर पालिका का पुराना जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकता है। इस भवन को तकनीकी अधिकारियों द्वारा नकारा घोषित किया जा चुका है। भवन में संचालित दुकानदारों को बिल्डिंग के नकारा होने का नोटिस भी दिया जा चुका है लेकिन शासन और प्रशासन की खामोशी के कारण नोटिस के आगे कार्यवाही नहीं हो पा रही है। अधिकारियों के पास भी रटे हुए जवाब रहते हैं। जानकारी के अनुसार राजनीतिक लोगों के हस्तक्षेप के कारण नकारा भवन को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है। बताया जाता है कि अभी राजनीतिक लोगों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, सभी जगह प्रशासक नियुक्त किये जा चुके हैं। नकारा भवन को ध्वस्त करने का प्रशासनिक अधिकारियों के लिए यह सुनहरा अवसर हो सकता है जबकि सरकार द्वारा भी सरकारी स्कूलों में हुए हादसे के बाद स्वायत शासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निकायों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को अलर्ट किया गया था। सभी शहरी निकायों को जर्जर, असुरक्षित भवनों की पहचान कर उसे सील या ध्वस्त कर पालना रिपोर्ट 5 अगस्त तक विभाग को भेजना अनिवार्य किया था। इसी कार्यवाही को मध्यनजर रखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा दुकानदारों को 24 घंटे का नोटिस दिया गया था। नोटिस 5 अगस्त को दिया गया था, नोटिस में यह हवाला भी दिया गया था कि आपको पूर्व में भी नोटिस दिया जा चुका है लेकिन इस नोटिस के आगे कोई कार्यवाही नहीं हुई। बताया जाता है कि नगर पालिका के पिछले कार्यकाल में बोर्ड मीटिंग में भी इस भवन के नकारा होने का प्रस्ताव लिया गया था।
*इमारत गिरी तो गिरेगी गाज*
अब जर्जर इमारत गिरने से हादसा हुआ तो निकाय के आयुक्त, अधिशासी अधिकारी पर एक्शन होगा। जर्जर इमारत गिरने से हादसा होने पर इनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
*खामोश है प्रशासन*
पालिका द्वारा हर साल जर्जर भवनों की सूची बनाकर नोटिस देने की खानापूर्ति की जाती हैं। अधिकतर मामलों में इमारत, भवन को गिराने की कार्यवाही नहीं होती है, कार्यवाही के बजाय निकाय द्वारा नोटिस देकर मौन धारण कर लिया जाता है।
*प्रशासक पर भरोसा*
लोगों द्वारा बताया जाता है कि अभी प्रशासन पर राजनीतिक दबाव भी नहीं है। जर्जर भवन के पास में हमेशा सैकड़ो लोगों की भीड़ जमा रहती है। बताया जाता है कि तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है, जनहित के कार्यों में तहसीलदार हमेशा तैयार रहते हैं, लोगों को आशा है कि प्रशासक द्वारा इस जर्जर व नकारा भवन को ध्वस्त कर लोगों को बड़ा हादसा होने से बचाया जा सकता है।