जिले मे कैंची व रिबन की राजनीति

AYUSH ANTIMA
By -
0


सरकारी परियोजनाओं का उद्धघाटन आमतौर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा ही किया जाता है। सरकारी नियमों के तहत वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री, सांसद व विधायक ही उद्धघाटन के लिए अधिकृत होते हैं लेकिन इसके लिए अंतिम निर्णय सरकारी अधिकारियों या संबंधित विभाग द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार ही होता है। यदि दूसरे शब्दों में यह कहें कि सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन में किसी भी संगठन के नेता की भागीदारी के लिए सरकारी अनुमति और प्रशासनिक नियमों की अनुपालना अनिवार्य है। किसी भी सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन में शिष्टाचार के अनुसार विपक्षी विधायक को आमंत्रित किया जाना चाहिए क्योंकि वह उस क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। विपक्षी विधायक सरकारी परियोजनाओं का उद्धघाटन कर सकते हैं यदि उन्हें सरकार या संबंधित विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया हो लेकिन आमतौर पर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा ही उद्धघाटन किया जाता है। यदि कोई भामाशाह अपने पूर्वजों की यादगार में कोई भी भवन का निर्माण कर सरकार को सौंपते हैं तो यह उनके उपर निर्भर करता है कि वे किस महानुभाव से फीता कटवाते है क्योंकि जब तक सरकार को समर्पित न करें, यह उनकी निजी संपति होती है और उद्धघाटन का आयोजन भी निजी ही होता है लेकिन झुंझुनूं जिले में उपरोक्त नियमों को ताक पर रखकर सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन आयोजनों को निजी बना दिया है। संगठन के पदाधिकारी अपने नाम की उद्धघाटन पट्टिका बनवाकर ताबड़तोड़ उद्धघाटन कर रहे हैं। वैसे डबल इंजन सरकार के आने के बाद विधायक प्रत्याशी को भी संवैधानिक व जन प्रतिनिधि का दर्जा दे दिया है इसको लेकर विधानसभा में सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार व चुरु विधायक नरेन्द्र बुडानिया आरोप लगा चुके हैं कि हारे हुए प्रत्याशी ही नही बल्कि संगठन में बैठे उनके बेटे भी कैंची व रीबन साथ में लिए घूम रहे हैं कि पता नहीं कब फीता काटने का मौका मिल जाए। अब यह ज्वलंत मुद्दा है कि क्या हारे हुए प्रत्याशी या संगठन के पदाधिकारी जन प्रतिनिधियों की श्रेणी में आते हैं, जो ताबड़तोड़ उद्धघाटन कर वाहवाही लूट रहे हैं कि अमुक काम उन्हीं की अनुशंसा पर हुआ है और आमजन भ्रमित है कि किस नेता या जन प्रतिनिधि पर विश्वास करें कि वह जनता के प्रति संवेदनशील है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!