जयपुर/झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया ने देश की वर्तमान नीतिगत व्यवस्था और बढ़ते हुए अन्याय के विरुद्ध एक राष्ट्रव्यापी संवैधानिक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा "भारती" ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि आज का यह संघर्ष केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व और भविष्य को बचाने का प्रश्न है।
*UGC इक्विलिटी कानून के विरुद्ध मुखर विरोध*
अनिल शर्मा "भारती" ने विशेष रूप से UGC इक्विलिटी कानून का उल्लेख करते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि "समानता के नाम पर लागू किए जा रहे ऐसे कानून, जो समाज के विभिन्न वर्गों के बच्चों के भविष्य पर असमान और नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, उनके विरुद्ध पार्टी पुरजोर तरीके से खड़ी होगी। हम ऐसी किसी भी व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे जो योग्यता और समान अवसर के संवैधानिक अधिकार का हनन करती हो।"
*लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन की तैयारी*
पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी धर्म, जाति या विशेष वर्ग के विरुद्ध नहीं है। परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया 'सर्व धर्म समभाव' की मूल भावना के साथ 'समान न्याय और समान अवसर' की पक्षधर है। श्री भारती ने जोर देकर कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य "व्यवस्था परिवर्तन" है, ताकि देश के हर नागरिक को न्याय मिल सके।
*जनता से अपील*
अनिल शर्मा "भारती" ने राजस्थान सहित पूरे देश के न्यायप्रिय नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन से जुड़ें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें अपनी आवाज़ को संगठित करना होगा और अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से खड़ा होना होगा।