जयपुर: सरकारी कर्मचारी से खुलेआम मारपीट, धमकी और सरकारी दस्तावेज फाड़ने जैसी गंभीर घटना को 8 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डाक विभाग में कार्यरत कर्मचारी मनीदीप (चितौड़ा निवासी) 1 फरवरी 2026 को सरकारी नोटिस/डाक वितरण के लिए ग्राम जयनगर चितौड़ा पहुंचे थे। आरोप है कि नोटिस देने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने नोटिस लेने से इनकार करते हुए सरकारी कागजात फाड़ दिए, कर्मचारी के साथ गाली गलौज, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। यही नहीं, आरोपियों ने कर्मचारी का मोबाइल फोन भी छीन लिया। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि वह अकेला होने के कारण जान बचाकर मौके से भागा, लेकिन उसके पास मौजूद कई सरकारी दस्तावेज वहीं रह गए, जिनके साथ आरोपियों ने दुर्व्यवहार किया।
घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो अब पुलिस के पास उपलब्ध बताया जा रहा है। पीड़ित की शिकायत पर रेनवाल मांझी थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने प्रकरण केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मामला CCTNS पोर्टल पर भी दर्ज है।
*पांच दिन बीते, आरोपी अब भी फरार*
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर धाराओं के बावजूद पुलिस पकड़ क्यों नही पा रही है। 8 दिन बाद भी आरोपी फरार, खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित सरकारी कर्मचारी है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा बल्कि कानून के भय पर भी सवाल उठ रहे हैं।
*कर्मचारियों में रोष*
घटना के बाद डाक व अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकारी ड्यूटी निभाने पर ही जान का खतरा हो, तो प्रशासन को कड़ा संदेश देना होगा। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।