जाको राखे साइया मार सके ना कोय... यह चरितार्थ करता है 30 साल पहले मेरे पर बागलकोठ में हुआ हमला: साध्वी ऋतंभरा

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: श्रीराम मंदिर आंदोलन में 30 साल पहले बागलकोट में साध्वी ऋतंभरा पर हमला हुआ था। हमले में साध्वी की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए, वो चोटिल भी हुई। इस दौरान जाको राखे साइया मार सके ना कोय..., बाल न बांका कर सके, जो जग बेरी होय। भगवान श्रीराम ने उनकी रक्षा की, इसलिए उनकी इच्छा से मै 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में आगे रही, यह कहना है साध्वी ऋतंभरा का। यह कहना है वात्सल्य मूर्ति साध्वी ऋतंभरा का। उन्होंने ये विचार सोमवार को सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यक्त किए। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि मन को वश में करने वाले के लिए कोई भी चीज मुश्किल नहीं होती, इसलिए जो व्यक्ति अपने मन को वश में कर ले, उसके लिए भगवान को प्राप्त करना मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस मनुष्य में अहंकार आ जाता है, उसका पतन निश्चित है। इसलिए अपनी ग़लती का पश्चाताप करना जरूरी है। पश्चाताप करने से अंत:करण शुद्ध हो जाता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत को भगवान की कथा बताते हुए कहा कि इसका श्रवण करने मात्र से ही हम भगवान के निकट पहुंच जाते हैं। श्रीमद्भागवत कथा हमें संतों के निकट ले जा सकती है। साध्वी ने कहा कि तप करने से ही भक्ति संभव है। उन्होंने कहा कि जिस मनुष्य में अहंकार आ जाता है, उसका पतन निश्चित है। साध्वी ऋतंभरा ने महाभारत का युद्ध रोकने के लिए दूत बनना भी स्वीकार कर लिया। श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए छल के रास्ते पर भी चलें। श्रीकृष्ण ने पूरे युद्ध के दौरान धर्म का साथ दिया। इसके लिए उन्होंने अपनों का साथ भी छोड़ दिया। सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान का सान्निध्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज का रहा। इससे पहले कथा शुरू करने से पहले सनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित, कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सोनी (झूमर सा), राजेन्द्र सिंह शेखावत, किशोर सर और माणक चौधरी ने सपत्नीक श्रीमद्भागवत कथा और साध्वी ऋतंभरा का पूजन और शाम की आरती की।
                                   
*महायज्ञ में दी जा रही है प्रतिदिन करीब 23 हजार आहुतियां*                            

22 फरवरी से शुरू हुए 51 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ में प्रतिदिन करीब 23 हजार आहुतियां दी जा रही हैं।यज्ञाचार्य पंडित सिद्धार्थ पुरोहित (बाला महाराज) ने बताया कि विश्व शांति के लिए किया जा रहा महायज्ञ 28 फरवरी तक चलेगा।
                                             

*हिन्दू धर्म संसद 27 फरवरी को पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में होगी*                            

हिन्दू धर्म संसद 27 फरवरी को पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में होगी। साध्वी ऋतंभरा के सान्निध्य में होने वाली इस धर्म संसद में करीब 500 से अधिक साधु,संत और महात्मा शामिल होंगे। 27 फरवरी को हिन्दू धर्म संसद में देश और विदेश में सनातन धर्म को प्रसारित करने पर चर्चा की जाएगी।

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