बीकानेर: अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण नियम 04 अंतर्गत मासिक बैठक का आयोजन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीेएम सिटी रमेश देव की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में एडीएम सिटी ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट, एससी-एसटी का जाति प्रमाण पत्र और केस डायरी समय पर पेश करें ताकि पीड़ित को सही समय पर न्याय मिल सके और प्रकरण का निस्तारण भी सही ढंग से हो सके। साथ ही कहा कि एससी-एसटी एक्ट नियम 04 के अंतर्गत दर्ज मामलों का अनुसंधान जल्द कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश करें। साथ ही विशिष्ट लोक अभियोजक भी प्रभावशाली पैरवी करे ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। एडीएम सिटी ने कहा कि एससी एसटी एक्ट के पेंडिंग मामलों में हाई कोर्ट स्टे को हटाने का प्रयास किया जाए ताकि गिरफ्तारी की जा सके। उपनिदेशक अभियोजन भगवान सिंह राठौड़ ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण नियम 04 के अंतर्गत जनवरी तक लंबित प्रकरण 790, विचाराधीन भी 790 है। इसके अलावा बहस चार्ज में 320, अभियोजन साक्ष्य में 269, बयान मुलजिम में 70 और शहादत सफाई में 52 प्रकरण, बहस अंतिम में 64 केस हैं। माह जनवरी 2026 में एससी-एसटी एक्ट नियम 04 के तहत कुल 15 फैसले हुए। जिनमें से 05 मामलों में सजा, 09 में पक्षद्रोही या राजीनामा होने पर बरी और एक मामले में दोषमुक्त किया गया। कुल 237 गवाहों के बयान हुए। बैठक में एडिशनल एसपी ममता सारस्वत, उपनिदेशक अभियोजन भगवान सिंह राठौड़, विशिष्ठ लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग, समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक अरविंद आचार्य, पुलिस एससी एसटी सेल से सतीश कुमार यादव इत्यादि उपस्थित रहे।
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