भागवत कथा में भक्तों ने नन्दोत्सव पर धूमधाम से नाच-गाकर मनाई खुशियां

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): लावरेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के 35वें वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा यज्ञ में चौथे दिवस पर व्यास पीठ से विश्वविख्यात श्रद्धेय श्री परमेश्वर लालजी गुरुकृपा कोलकात्ता ने अपने कोकिल कंठ से गणेश पूजन के साथ मधुर संगीतमय कीर्तन तथा सरल हिंदी भाषा में रोचक एवं ज्ञान राग दृष्टांत सहित कथा का रसपान श्रोता भक्तों को करवाते हुए श्रीराम अवतार एवं कृष्ण जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान विष्णु के दो प्रमुख अवतार—त्रेतायुग में श्रीराम (सातवां) और द्वापरयुग में श्री कृष्ण (आठवां)—पृथ्वी से अधर्म व दुष्टों (रावण और कंस) का नाश कर धर्म की स्थापना के लिए हुए। श्रीराम का जन्म अयोध्या में चैत्र शुक्ल नवमी को कौशल्या-दशरथ के यहाँ हुआ, जबकि श्री कृष्ण का जन्म मथुरा कारागार में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को देवकी-वसुदेव के यहाँ हुआ। विष्णु भगवान ने मानव रूप (मर्यादा पुरुषोत्तम) में जन्म लिया और शेषनाग लक्ष्मण के रूप में साथ आए। उन्होने आदर्श जीवन की स्थापना का मानव जाति को संदेश दिया। श्री कृष्ण योगेश्वर की लीलाएं आनंद और मार्ग दर्शन (भगवद गीता) प्रदान करती हैं। उन्होने बताया कि दोनों ही अवतारों में भगवान विष्णु ने दुष्टों का संहार किया, और दोनों ही अवतारों में हनुमान जी ने सहायता की। कथा के मध्य में महाराज श्री के कर्ण प्रिय भजनों पर महिलाओं एवं भक्तों ने नाच गाकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर माखन मिश्री का प्रसाद, खिलौने एवं टोफियों के साथ भक्तों को वितरण किया गया।
इससे पूर्व भागवत ग्रंथ का पूजन मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं मोदी परिवार द्वारा विद्वान पंडितों के आचार्यत्व में किया गया। कथा का समय 1 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का रखा गया है। कथा स्थल में पंडाल एवं स्टेज डेकोरेशन के लिए डेकोरेटर माँ भगवती आर्ट के आशीष श्रीमोहन तुलस्यान एवं टेंट के लिए रामावतार जांगिड़ द्वारा सुंदर व्यवस्था की गयी है। कथा श्रवण हेतु महिलाओं एवं पुरुषों की बैठने के लिए अलग-अलग सुन्दर व्यवस्था सराहनीय रही। इस अवसर पर लावरेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी सहित अन्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 25 जनवरी को कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला एवं गोवर्धन उत्सव की कथा का वाचन महाराज श्री करेंगे।
25 जनवरी को कथा के पश्चात रात्रि में कथा स्थल पर भंडारा प्रसाद का आयोजन भी किया जाएगा।

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