सूरजगढ़ (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के आह्वान पर पूरे भारत में ‘रन फॉर स्वदेशी’ का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सूरजगढ़ में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में युवा-युवतियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ताओं के रूप में स्वदेशी जागरण मंच झुंझुनूं विभाग सह संयोजक ब्रह्मदत्त मीणा एवं मेला प्रमुख विक्रम सिंह राठौड़ ने तिरंगा झंडा दिखाकर रन फॉर स्वदेशी को रवाना करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर स्वदेशी’ के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया है कि दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली प्रत्येक वस्तु स्वदेशी हो—चाहे वह भोजन हो, वस्त्र हों, तकनीक हो या भाषा। दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने “स्वदेशी अपनाओ, भारत को आत्मनिर्भर बनाओ” जैसे नारों के साथ जनजागरण किया। वक्ताओं ने कहा कि आलू की चिप्स से लेकर माइक्रोचिप्स तक, रॉकेट इंजन से मोबाइल फोन तक हर क्षेत्र में स्वदेशी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। साथ ही भाषा, भूसा, भोजन, भवन और भजन में स्वदेशी भावना को सशक्त करने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि पालीराम बृजलाल एवं सरस्वती स्कूल में यह कार्यक्रम किया गया। स्वामी विवेकानंद के युवाओं को दिए गए संदेश—“उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत”—को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन युवाओं में स्वदेशी चेतना एवं राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर निदेशक संदीप शर्मा, मनोज शर्मा, संदीप कादियान, रमेश शर्मा, राजेन्द्र लोरानिया, दलीप कुमावत, अशोक शर्मा, मनोहर लाल जांगिड़ सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।