बीकानेर। रामपुरिया मोहल्ला स्थित तुलसी साधना केंद्र में विराजित आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी मंजूप्रभाजी एवं साध्वी कुंथुश्रीजी के सान्निध्य में नववर्ष पर वृहद मंगलपाठ का आयोजन किया गया। शासनश्री साध्वी कुंथुश्रीजी ने परिषद् को उद्बोधित करते हुए कहा कि नये वर्ष में नए सोपान और कीर्तिमान नई ऊर्जा का प्रवाह करते हैं। उए णो पमायए-अर्थात उठो! प्रमाद मत करो-यह जागने का समय है। यह आगम सूत्र जागरूकता व पुरुषार्थ का संदेश देता है। वह व्यक्ति धन्य होता है जो जागता है। जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है शांति-समता।
नये वर्ष का स्वागत प्रसन्नता व आनन्दमय जीवन के हर क्षण को जीते हुए करे। स्वागत करे उजालों का। अपनी कर्मजा शाक्ति, मौलिक चितन, सही सोच के साथ नए वर्ष को सफल बनाएं। वर्तमान में जीएं। यही नए वर्ष का सच्चा स्वागत है। साध्वीवृन्द ने भक्तामर, पैंसठिया छन्द, गौतम गणधर स्तुति आदि विविध मंत्रों के उच्चारण से वृहद मंगलपाठ सुनाया। कार्यक्रम में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेशमल बोथरा, इंदरचंद सेठिया, बसंत नौलखा बीकानेर महिला मंडल मंत्री रेणु बोथरा आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।