राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने यूईएम जयपुर में शिक्षा में मानवीय मूल्यों के समावेशन पर आयोजित तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को किया संबोधित किया

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): “शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेशन” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला के दौरान एक प्रेरणादायक एवं सार्थक संवाद देखने को मिला, जब राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (यूईएम), जयपुर में प्रदेश भर से आए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को संबोधित किया एवं उनसे संवाद किया। इस कार्यशाला में कुल 326 सीबीईओ शामिल हुए, जो मूल्य-आधारित एवं समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति राजस्थान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने संबोधन में मंत्री ने सहानुभूति, ईमानदारी, जिम्मेदारी, सामंजस्य एवं नैतिक आचरण जैसे मानवीय मूल्यों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में समाहित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता और कौशल विकास तक सीमित न रहकर सामाजिक रूप से जिम्मेदार, नैतिक रूप से सुदृढ़ एवं संवेदनशील नागरिकों के निर्माण का माध्यम बननी चाहिए। संवादात्मक सत्र के दौरान सीबीईओ को जमीनी स्तर पर मूल्य-आधारित शिक्षा के क्रियान्वयन से जुड़े अपने अनुभव, चुनौतियाँ एवं सुझाव साझा करने का अवसर मिला।
*कार्यशाला की विषय-वस्तु में निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई*
* शिक्षा में मानवीय मूल्यों की अवधारणा एवं महत्व की समझ।
* कक्षा शिक्षण एवं विद्यालय संस्कृति में मूल्यों के व्यावहारिक समावेशन की रणनीतियाँ।
* चरित्र निर्माण एवं नैतिक विकास में शिक्षकों एवं प्रशासकों की भूमिका।
* विद्यालयों में मूल्य-आधारित अभ्यासों पर केस स्टडी एवं समूह चर्चाएँ।
* राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (एनईपी–2020) के अनुरूप मानवीय मूल्यों का समन्वय।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) बिस्वजॉय चटर्जी, कुलपति, यूईएम जयपुर ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और एक अच्छे मानव बनने के महत्व तथा नैतिक मूल्यों के संवर्धन में शैक्षणिक नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डाला। मंच पर सतीश गुप्ता, ओएसडी (शिक्षा), प्रो.एचडी चारण, पूर्व कुलपति, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय तथा मोती चंद यादव, सचिव, यूएचवी टीम भी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श में सक्रिय सहभागिता निभाई और व्यक्त किया कि इस प्रकार के संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें अपने-अपने ब्लॉकों में शिक्षकों एवं विद्यालयों का प्रभावी मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होंगे। सभी 326 सीबीईओ ने इस दूरदर्शी पहल के लिए राजस्थान सरकार की सराहना की तथा इसे विद्यालयी शिक्षा के नैतिक एवं सामाजिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक बताया। कार्यशाला के दौरान आवास, भोजन एवं ठहरने की समस्त व्यवस्थाएँ यूईएम जयपुर द्वारा उत्कृष्ट रूप से की गई। प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट आतिथ्य व्यवस्था, सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स, आरामदायक आवास एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण की भूरी-भूरी प्रशंसा की। अनेक सीबीईओ ने कार्यक्रम की निर्बाध व्यवस्था एवं पेशेवर प्रबंधन के लिए यूईएम जयपुर की विशेष सराहना की, जिससे कार्यशाला की सफलता सुनिश्चित हुई।
कार्यशाला का समापन सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें नीति-निर्माताओं, प्रशासकों एवं शिक्षाविदों ने मिलकर राजस्थान की शिक्षा प्रणाली के केंद्र में मानवीय मूल्यों को स्थापित करने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ.प्रदीप कुमार शर्मा, कुलसचिव, यूईएम जयपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ.मुकेश यादव, एसोसिएट डीन (अकादमिक्स), यूईएम जयपुर के मार्गदर्शन में किया गया।

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