बांदीकुई: शहर की नगर पालिका की लापरवाही आये दिन समाचार पत्र के माध्यम से प्रकाशित की जा रही है लेकिन नगर पालिका अपनी आदतों में सुधार नहीं ला रहा है क्योंकि वह आमजन के प्रति बिल्कुल लापरवाह नजर आ रहा है। शहर के सिकंदरा रोड़ पर स्थित गांधी पार्क की व्यवस्थाओं को लेकर आए दिन सवाल उठ रहे है, इनकी अव्यवस्थाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित गांधी पार्क के रखरखाव का कई महीनो पूर्व टेंडर होने के बाद भी प्रशासन एवं संवेदक द्वारा इसकी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो सका, न ही पार्क में मौजूद लाइट की उचित व्यवस्था है और जो भी लाइट लग रही है, उनमें से आधी लाइट खराब है। दिन में सुधार नहीं हो पाया है, जिसके कारण आधे से ज्यादा पार्क अंधेरे में डूबा रहता है। इस अंधेरे के कारण अनहोनी का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। बीती शाम आवारा सांड ने पार्क में घुसकर उत्पात मचाया एवं पेड़ पौधों को नष्ट किया। उत्पात इतना जोर से था कि वहां मौजूद बच्चे और महिलाएं घबराकर पार्क के बाहर की ओर भागने लगे।
*यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से भी नहीं है गार्ड की कोई व्यवस्था*
यदि कोई अनहोनी हो जाती या किसी को चोट आ जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं।
*लोगों को कहना है*
नगर पालिका आवारा पशुओं एवं बंदरों को पकड़ने का दावा कर रही है जबकि शहर में खुलेआम आवारा पशु घूम रहे हैं एवं बंदरों ने आतंक मचा रखा है। आवारा पशुओं एवं बंदरों को पकड़ने का अभियान सिर्फ कागजों में दिखाई दे रहा हैं।
शहर के नालों की सफाई कागजों में ही की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।