जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): गिग वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें गिग वर्कर्स को साल में 90 दिन काम करने पर पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, पीएफ जैसे लाभ दिए जाएंगे। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि देश में ऑनलाइन फूड डिलीवरी मार्केट 1.20 लाख करोड़ का है, जो 2030 तक 2 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है। देश में अभी 77 लाख गिग वर्कर हैं। इनमें से करीब 4 से 5 लाख गिग वर्कर्स राजस्थान में काम कर रहे हैं। फोर्टी की सरकार से मांग है कि क्विक कॉमर्स के नियमों में भी बदलाव किया जाए। ऑनलाइन फूड सप्लाई करने वाली कंपनियों को कुछ मिनटों में फूड की सप्लाई का ऑफर और विज्ञापन नहीं देने के लिए पाबंद किया जाए, क्योंकि ऑफर के अनुसार तय समय पर फूड डिलीवरी नहीं करने पर गिग वर्कर्स पर कंपनी पेनल्टी लगाती हैं। इसलिए जल्दी डिलिवरी के दबाव में कई गिग वर्कर्स के एक्सीडेंट हो जाते हैं, जिसमें उनकी जान भी चली जाती है, राह चलते दूसरे लोग और वाहन चालक भी हताहत होते हैं। जल्दबाजी में गिग वर्कर्स यातायात के नियमों का भी पालन नहीं करते, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए क्विक कॉमर्स के जल्दी डिलीवरी के ऑफर पर पाबंदी लगनी चाहिए।
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