बीकानेर। भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान एवं नेशनल मेडिको ऑर्गनाइजेशन (NMO) राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम ग्राम स्वास्थ्य सेवा यात्रा का शुभारंभ 20 दिसंबर को ऋद्धि–सिद्धि गार्डन, बीकानेर में हुआ।
यह सेवा यात्रा 20 से 21 दिसंबर तक आयोजित की जा रही है, जिसके तहत भारत–पाक सीमा से सटे लगभग 1070 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में एक साथ 205 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में निवासरत नागरिकों को उनके द्वार पर सुलभ, निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि यह अभियान NMO, सीमाजन कल्याण समिति, सक्षम एवं किसान संगठन—इन चारों संगठनों के समन्वित प्रयास से संचालित किया जा रहा है। यह पहल न केवल चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
उद्घाटन समारोह में विभाग संघचालक टेकचंद जी बारड़िया, जम्मू–कश्मीर प्रचारक नेमीचंद जी, NMO अध्यक्ष डॉ. बी.के. बिनवारा, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार राजपुरोहित, सचिव डॉ. पवन सारस्वत, सीमाजन कल्याण समिति से वासुदेव जी तथा किसान संगठन से शंभू सिंह जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
NMO के डॉ. कौशल रंगा ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के अंतर्गत 21 दिसंबर को प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक सीमावर्ती गांवों में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच, बीपी एवं शुगर जांच, रक्त परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण के साथ-साथ नेत्र, नाक–कान–गला, दंत एवं सामान्य रोगों का उपचार किया जाएगा। गंभीर रोगियों को आवश्यकता अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर प्रचारक चंपेश जी, डॉ. रतिराम, डॉ. शिवराज, डॉ. गौतम लूनिया, डॉ. विक्रम सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं मेडिकल विद्यार्थी शुभांशी, पुष्पेंद्र सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।