अलवर: जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से विशेष अभियान ‘पिंक पखवाड़ा’ की शुरुआत की है, जो 15 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में खून की कमी दूर कर उन्हें स्वस्थ बनाना है।सीएमएचओ डॉ.योगेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह अभियान गंभीर एनीमिक महिलाओं के लिए जीवनदायी साबित होगा। विभाग द्वारा पीसीटीएस सहित विभिन्न स्तरों पर ऐसी महिलाओं की पहचान कर उन्हें पखवाड़े के दौरान एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज) इंजेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर सभी चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आरसीएचओ डॉ.मंजू शर्मा ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर बहुत कम है और आयरन की गोलियां लेने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा, उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के बाद एफसीएम इंजेक्शन लगाया जाएगा। यह सुरक्षित है और इससे हीमोग्लोबिन स्तर तेजी से बढ़ता है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच पीएमएसएमए दिवस (हर माह 9, 18, 27) को की जा रही है। साथ ही उन्हें आयरन युक्त आहार जैसे हरी सब्जियां, गुड़, चना आदि के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आशा सहयोगिनियां और एएनएम हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाएंगी। डॉ.शर्मा ने जिलेवासियों से अपील की कि एनीमिया को हल्के में न लें और चक्कर, थकान या सांस फूलना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं और अभियान का लाभ उठाएं। अभियान का शुभारंभ जिला अस्पताल, अलवर में किया गया, जिसमें सीएमएचओ डॉ.योगेंद्र शर्मा, आरसीएचओ डॉ.मंजू शर्मा, पीएमओ डॉ.सुनील चौहान, प्रिंसिपल डॉ.इंदु वर्मा, पूर्व प्रिंसिपल डॉ.दिनेश सूद, गायनी विभाग अध्यक्ष डॉ.टेकचंद, डॉ.प्रतिभा भारद्वाज सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।a
पिंक पखवाड़ा’ शुरू: गंभीर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को लगाए जाएंगे एफसीएम इंजेक्शन
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December 01, 2025
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