निवाई (लालचंद सैनी): क्षेत्र में चारों तरफ अवैध कालोनियों की बाढ़ आने जैसी स्थिति अनुभव हो रही है। नगर पालिका व तहसील प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही करने के बाद भी अवैध काॅलोनियां परवान पर चढ रही है, जिससे अवैध भू कारोबारियों के हौंसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन को तार-तार करने वाले भू कारोबारियों के खिलाफ कानून में सख्त कार्यवाही करने का प्रावधान है, फिर भी कृषि भूमि पर धड़ल्ले से अवैध काॅलोनियां काटी जा रही है। इन अवैध कॉलोनियों पर नगर पालिका एवं तहसील प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्यवाही तो की जाती है लेकिन नगर पालिका एवं तहसील प्रशासन की कार्यवाही अवैध काॅलोनी काटने वाले भू कारोबारियों के हौंसले पश्त नहीं कर पाती है। जिस दिन नगर पालिका का बुलडोजर अवैध कॉलोनी पर चलता है, उसके दूसरे दिन से ही अवैध भू कारोबारी रोड बनाने, दीवार बनाने का कार्य वापस शुरू कर देते हैं, जिससे जिम्मेदार विभागों की कार्यवाही पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कृषि भूमि पर कॉलोनी काटने पर खातेदारी निरस्त करने का भी प्रावधान है। भूमाफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनी में अधिक से अधिक भूमि बेचने के लिए सकडी सड़के बनाई जाती है तथा सुविधा क्षेत्र भी नहीं छोड़ा जाता है, जिससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों का जीवन नारकीय बन जाता है। इसके साथ ही सरकारी राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। जानकारों का कहना है कि नजीर के तौर पर दस बारह प्रकरणों में भी खातेदारी निरस्त कर दी जाए तो अवैध कॉलोनियों के बढ़ते नासूर को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जाए तो अवैध भू कारोबारियों के हौसले पश्त हो जाएंगे और वे कभी अवैध काॅलोनियां काटने की भी नहीं सोचेंगे लेकिन प्रावधानों की केवल खानापूर्ति की जा रही है। जानकारो के अनुसार कई प्रकरण तो तहसील कार्यालय में ही अटक जाते हैं। कुछ प्रकरण उपखंड कार्यालय पहुंचते हैं तो उनमें भी प्रभावी कार्यवाही नहीं होने के कारण भू कारोबारियों के हौसले बढ़ रहे हैं। प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव में कोई भी प्रकरण अंतिम पड़ाव तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे जिम्मेदार एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिम्मेदारों की कार्यवाही पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, प्रावधानों की केवल की जा रही है खानापूर्ति*
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December 22, 2025
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