सेवा की कीमत नहीं: सरकारें अधिकारों से क्यों कतराती हैं

AYUSH ANTIMA
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दौसा (गोवर्धन लाल वर्मा): जिले सहित राज्य में हर साल 6 दिसंबर को मनाया जाने वाला होमगार्ड स्थापना दिवस..देश की सुरक्षा और सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक संगठन को सम्मानित करने का अवसर है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य होमगार्ड के सदस्यों के योगदान और बलिदान को याद करना है। जो देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

*होमगार्ड का इतिहास*

होमगार्ड संगठन की स्थापना 6 दिसंबर 1946 को मुंबई में हुई थी। ऐसा जवानों का कहना है। जबकि कुछ का यह भी कहना है कि होमगार्ड की स्थापना 14 मई 1940 में हुई थी। इतिहास के अनुसार स्थापना से लेकर 1 नवम्बर 1944 को ग्रेट ब्रिटेन की रक्षा में होमगार्ड स्वयंसेवकों द्वारा निभाई गई। होमगार्ड के गठन की दुसरी वर्षगांठ किंग जॉर्ज वीआई 1939-1952 के कर्नल इन चीफ के साथ मनाई। होमगार्ड में पुरूषों की अनिवार्य भर्ती की पुष्टि 1942 के राष्ट्रीय सेवा अधिनियम द्वारा की गई। दिसंबर 1941 में महिला गृह रक्षा का गठन किया गया था। 16 मई 1943 को लंदन में स्थानीय होमगार्ड ने अपनी तीसरी वर्षगांठ मनाई। 1940 जर्मन आक्रमण में होमगार्ड पूरे युद्ध के दौरान दिसंबर 1944 तक मौजूद तथा सक्रिय रहा। 

*1945 में भंग कर दिया* 
  
हर साल इसके गठन की सालगिरह पर एक राष्ट्रीय होमगार्ड दिवस मनाया जाता था ताकि राष्ट्र को एहसास हो कि इन समर्पित लोगों का कितना ऋणी है। देश की रक्षा के लिए होमगार्ड द्वारा की गई बड़ी प्रतिबद्धता और प्रयास को याद रखना महत्वपूर्ण है। वर्ष 1946 में बॉम्बे प्रांत में हुए सांप्रदायिक दंगों की उथल-पुथल के दौरान पुनः पुलिस के सहायक के रूप में प्रशासन की सहायता के लिए नागरिक स्वैच्छिक बल के रूप में स्व.पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नेतृत्व में एक बार फिर होमगार्ड की स्थापना की गई थी। वहीं 31 जुलाई 1957 को होमगार्ड को भंग करने की घोषणा हुई। इसके बाद भारत चीन युद्ध के दौरान 1962 में एक बार फिर से होमगार्ड का पुनर्गठन किया गया। पुराने कानूनों को दोहराकर नियम अधिनियम बनाए गए। जिले सहित राज्य में 6 दिसंबर को होमगार्ड का 63 वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा क्योंकि यह 1962 से राजस्थान में सक्रिय है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें होमगार्ड के जवानों को उनके योगदान और बलिदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। 63 सालों से होमगार्ड जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा में जुटे है लेकिन अभी भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकारें उनकी सेवाओं का उपयोग करने में कभी नही हिचकिचाती है लेकिन जब उनके अधिकारों की बात आती है। तो सरकारें अक्सर अनदेखा करती है।

*सरकार की जिम्मेदारी*

सरकार को होमगार्ड जवानों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और उन्हें उनके काम के बदले में उचित वेतन और लाभ प्रदान करना चाहिए सरकार को चाहिए..

▪️नियमितीकरण और वेतन: होमगार्ड जवानों को नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन और लाभ देना।

*होमगार्ड की भूमिका*

होमगार्ड की भूमिका बहुआयामी है। यह संगठन न केवल आंतरिक सुरक्षा में पुलिस की सहायता करता है बल्कि आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, और सामाजिक कल्याण की गतिविधियों में भी भाग लेता है। होमगार्ड के सदस्य देश की सेवा में हमेशा तैयार रहते है। इस अवसर पर हम होमगार्ड के सदस्यों को उनके समर्पण और बलिदान के लिए धन्यवाद देते है। और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।
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