बीकानेर(नारायण उपाध्याय)। शहर की सड़क व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। बिना किसी ठोस प्लानिंग के हो रही खुदाई, सिवरेज कार्य और आधी-अधूरी सड़क मरम्मत ने शहर को जाम की गिरफ्त में ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से रात तक मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें आम बात हो गई हैं। गजनेर रोड ब्रिज से पुलिस लाइन तक लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं भूट्टो के चौराहे से कीर्ति स्तंभ रोड, जूनागढ़ के पीछे वाले हिस्से की रोड़ ब्लॉक हैं। जिससे शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी है।
*भीतरी शहर में सिवरेज कार्य बना मुसीबत*
शहर के भीतरी इलाकों में सिवरेज लाइन का काम जिस ढुलमुल तरीके से चल रहा है, उससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं, कई रास्ते तो पूरी तरह ब्लॉक कर दिए गए हैं। नतीजा यह कि बची हुई सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया है। पुरानी गजनेर रोड, जस्सूसर गेट से हेड पोस्ट ऑफिस तक रोजाना घंटों लंबा जाम लगा दिखाई देता है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी ने यातायात व्यवस्था चौपट कर दी है।
*जूनागढ़ के सामने पब्लिक पार्क का बंद गेट,जिम्मेदारो नें मार्ग किया वन-वे*
बीकानेर का प्रमुख हृदयस्थल माने जाने वाले जूनागढ़ किले के सामने स्थित पब्लिक पार्क का एक मुख्य गेट कई जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण लंबे समय से बंद पड़ा है।
हैरानी की बात तो यह है कि गेट की मरम्मत कराने की बजाय प्रशासन ने उल्टा इसके और सामने वाली साइडों पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को वन-वे कर दिया है। इससे ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता जस की तस बनी हुई है। इसी बीच ट्रैफिक पुलिस सड़क सुधारने की बजाय चालान काटने में ज्यादा व्यस्त नजर आती है।
*कोठारी हॉस्पिटल से उरमूल सर्किल तक सड़क की स्थिति भयावह*
बीकानेर की सबसे प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाली कोठारी हॉस्पिटल से उरमूल सर्किल तक की सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इस रोड पर जाम इतना लंबा लगता है कि कई बार एम्बुलेंस को भी घंटों फंसे रहना पड़ता है। यह स्थिति शहरवासियों के लिए खतरे की घंटी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस इस मार्ग पर बसों और लोडेड पिकअप जैसे भारी वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट कर दें तो जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन वर्तमान में ऐसा कोई प्रयास नजर नहीं आता।
*लोगों में आक्रोश, जिम्मेदारों पर सवाल*
सड़कों पर हर दिन जाम में फंसकर परेशान हो रही जनता प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों को कोसती नजर आती है। शहरवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी अव्यवस्था के बावजूद कोई भी विभाग स्थिति सुधारने के लिए आगे नहीं आ रहा। यदि इसी तरह बिना प्लानिंग खुदाई, बंद रास्ते और अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन जारी रहा तो आने वाले दिनों में बीकानेर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ढह सकती है। शहर को तुरंत एक समन्वित और समयबद्ध सड़क-ट्रैफिक प्रबंधन योजना की जरूरत है, अन्यथा जनता की परेशानियाँ और बढ़ेंगी।