बीकानेर। ‘छोटी काशी’ के नाम से पहचाने जाने वाले बीकानेर में फरवरी माह में धार्मिक आयोजनों की भव्य श्रृंखला देखने को मिलेगी। इन आयोजनों को लेकर तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। सनातन धर्म रक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में दो शंकराचार्यों का आगमन पहले ही हो चुका है, जबकि एक और शंकराचार्य शीघ्र ही बीकानेर पधारने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि 22 फरवरी से 28 फरवरी तक बीकानेर की पावन धरा पर सात दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी की मधुर वाणी में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। इसके साथ ही 51 कुण्डीय विश्वशांति महायज्ञ, जगद्गुरु शंकराचार्य जी का बीकानेर आगमन, गौशाला उद्घाटन, गुरुकुल एवं वात्सल्य ग्राम का भूमि पूजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
कार्यक्रमों के बीच एक दिन बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री का भी बीकानेर आगमन प्रस्तावित है। वहीं हनुमानगढ़ के महंत राजूदास जी महाराज भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके अतिरिक्त अनूप जलोटा, ब्रह्मऋषि अमर गुरु 1008, संत श्री भोम जी महाराज, हंसनाथ जी महाराज (मूंडसर) सहित देशभर के कई संत-महात्मा, महामंडलेश्वर, भजन गायक एवं विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगी।
राजपुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की व्यवस्था शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की जा रही है। आयोजन को सफल बनाने में प्रहलाद मार्शल, बजरंग छींपा, एडवोकेट विवेक शर्मा, झूमर सोनी, सीताराम कच्छावा, शिवलाल मेघवाल, कुसुम वृंदावन, भुवनेश नागल, लक्ष्मीनारायण सुथार, योगेश पुरोहित सहित अनेक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सहयोग में सुशील कुमार यादव, राजेंद्र सिंह शेखावत, गोपाल भदाणी, एडवोकेट शैलेश गुप्ता एवं श्याम सुंदर सोनी जुटे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। शहरवासियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से 4 जनवरी को दोपहर 2 बजे ‘पीले चावल’ बनाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 22 से 28 फरवरी तक बीकानेर संत-महात्माओं की दिव्य उपस्थिति का साक्षी बनेगा।