झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): मरुभूमि की धरा झुंझुनूं में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। शहर के सामाजिक और धार्मिक सरोकारों को एक नया आयाम देते हुए 'हर घर तुलसा अभियान' के तहत बड़ी संख्या में तुलसी के पौधों का वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों— कमल गार्डन, इंदिरा नगर और राणी सती रोड स्थित चुणा चौक (इन्दिरा पार्क) में गरिमामयी कार्यक्रमों का आयोजन कर स्थानीय निवासियों, प्रबुद्धजनों, योग साधकों और मॉर्निंग वॉकर्स को सुंदर व आकर्षक गमलों में लगे तुलसी के पौधे सप्रेम भेंट किए गए। सुबह के शांत और सुरम्य वातावरण में हुए इन पावन आयोजनों से पूरा परिसर भक्तिमय, ऊर्जावान और सकारात्मकता से सराबोर नजर आया। इस पावन अभियान की शुरुआत लायंस क्लब झुंझुनूं एवं श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था के संयुक्त तत्वाधान में की गई है। इस पुनीत कार्य को धरातल पर उतारने में श्रीमती गिन्नी देवी राधा वल्लभ जी खेतान ट्रस्ट ने मुख्य सौजन्य (स्पॉन्सरशिप) निभाते हुए अपनी महती भूमिका अदा की। खेतान ट्रस्ट की ओर से न केवल पौधे उपलब्ध कराए गए, बल्कि उन्हें बेहद खूबसूरत और आकर्षक गमलों में लगाकर सुसज्जित रूप से वितरित किया गया, जिसकी उपस्थित सभी लोगों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य वक्ताओं ने सनातन धर्म में तुलसी के धार्मिक, आध्यात्मिक और औषधीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। लायंस क्लब झुंझुनूं के अध्यक्ष एमजेएफ लायन डॉ.डीएन तुलस्यान एवं खेतान ट्रस्ट के परमेश्वर हलवाई ने वासिंदों को संबोधित करते हुए कहा कि, "तुलसी मात्र एक पौधा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की साक्षात धरोहर है। यह न सिर्फ हमारे घर-आंगन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, बल्कि वातावरण को भी चौबीसों घंटे शुद्ध रखती है। आज के समय में 'हर घर तुलसा अभियान' का मुख्य लक्ष्य हर घर में तुलसी का वास सुनिश्चित करना है ताकि हमारी नई पीढ़ी अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति दोनों से गहराई से जुड़ी रहे।"
*प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति और सराहनीय प्रबंधन*
तुलसी वितरण के इस पुनीत अवसर पर शहर के कई प्रतिष्ठित गणमान्य जनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने शिरकत की। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे इन तुलसी के पौधों को अपने घरों में पूरी श्रद्धा और जिम्मेदारी के साथ स्थापित करेंगे तथा इनका नियमित रूप से उचित संरक्षण व पोषण करेंगे।