कोटपूतली में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान और उपचार के लिए विशेष सेक्टर बैठकों का आयोजन

AYUSH ANTIMA
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कोटपूतली (ईशाक खान): राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राज्य स्तर से मिले निर्देशों के बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिले में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मिले कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में 17 जुलाई ब्लॉक कोटपूतली के सभी चिकित्सा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

*खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.धर्मेंद्र ने ली समीक्षा बैठक*
 
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.धर्मेंद्र ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग को लेकर ब्लॉक के सभी चिकित्सा अधिकारियों के साथ गंभीर मंथन किया। इसके तुरंत बाद डॉ.धर्मेंद्र ने सेक्टर मीटिंग ली, जिसमें उपस्थित सभी एएनएम और आशा सहयोगिनियों को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की श्रेणियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर सेक्टर मीटिंग में सभी आवश्यक बिंदुओं का कड़ाई से रिव्यू किया जाए।

*आरसीएचओ डॉ. अरविंद अग्रवाल ने परखा शहरी क्षेत्र का जमीनी स्तर* 

इसी क्रम में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नागाजी की गौर, कोटपूतली में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अरविंद अग्रवाल की अध्यक्षता में शहरी क्षेत्र की एएनएम और आशाओं की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। डॉ.अग्रवाल ने सभी एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को हाई रिस्क एएनसी को लेकर गहन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी जान बचाई जा सकती है।

*दस्तावेजों की जांच और 18 जुलाई को होने वाले PMSMA की तैयारी* 

सभी सेक्टर्स में आयोजित इन बैठकों में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से आरसीएच रजिस्टर, आशा डायरी, एचआरपी रजिस्टर और फॉर्म नंबर 6, 7, 8 अनिवार्य रूप से मंगवाए गए। इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर हाई रिस्क ग्रुप की महिलाओं की एक लाइन लिस्ट (सूची) तैयार की गई है। इस तैयारी का मुख्य उद्देश्य 18 जुलाई आयोजित होने वाले 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस' (PMSMA) को सफल बनाना है। कल होने वाले इस विशेष शिविर में सभी एएनएम और सीएचओ के माध्यम से क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। विशेष रूप से चिन्हित की गई हाई रिस्क महिलाओं का अनुभवी चिकित्सकों द्वारा संस्थागत उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। कल आयोजित होने वाली बैठकों और शिविरों की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तर की टीमें भी औचक निरीक्षण करेंगी।

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