झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ गुरुवार को जिलेभर में किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम श्री कृष्ण गौशाला, पातुसरी में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, ग्रामीणों एवं महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ समारोह का लाइव प्रसारण भी देखा गया।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना, आजीविका को सुदृढ़ बनाना तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास को गति देना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भाम्बू ने कहा कि नई योजना के तहत पात्र श्रमिकों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में किसानों, ग्रामीणों तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रभावी योजनाएं लागू की जा रही हैं। वीबी-जीरामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे श्रमिकों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। जिला कलेक्टर डॉ.अरुण गर्ग ने कहा कि रोजगार सृजन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। उन्होंने बताया कि अब ग्राम सभाएं ही स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का निर्धारण करेंगी। इससे योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतों के अनुसार कार्य हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि समयबद्ध भुगतान एवं पारदर्शी प्रक्रिया से श्रमिकों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुल्हरी ने कहा कि नई योजना में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। यदि किसी पात्र व्यक्ति को निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसे नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया जाएगा। योजना के तहत पक्के निर्माण कार्यों में भी श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साथ ही महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी को प्रोत्साहित कर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी परशुराम धानका, झुंझुनूं एसडीएम रामकरण, एसीईओ रामनिवास, सहायक अभियंता प्रेम बिहारी माथुर, पातुसरी प्रशासक सुप्यार देवी, अनुपम जाखड़, राजकुमार मुंड, राजकुमार जांगिड़, रवि गुप्ता, बाबूलाल महिच, राकेश मोटसरा, मनीष सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नेशनल यूथ आइकॉन अधिवक्ता विजयहिन्द जालिमपुरा ने किया।