बीकानेर (मुकेश रामावत): छतरगढ़ के पास स्थित प्राकृतिक पर्यटन स्थल घेघड़ा झील को जिले का प्रमुख इको-टूरिज्म सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला कलेक्टर निशान्त जैन के निर्देश पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने बुधवार को झील क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने क्षेत्र की प्राकृतिक छटा, ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण घेघड़ा झील पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। अगर यहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाए तो यह जगह जिले के पर्यावरण आधारित पर्यटन का बड़ा आकर्षण बन सकती है। श्रीमती पांडे ने अधिकारियों से स्थल पर स्वच्छता, पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, बोटिंग, सूचना पट्ट, सुरक्षा और पहुंच मार्ग जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित करने को कहा। उन्होंने बताया कि जिला परिषद ने इसके विकास के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के तहत राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं, साथ ही उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से सुझाव लेकर क्षेत्र के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सीईओ ने कहा कि पर्यटन स्थलों का संरक्षण और विकास न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से जल्द विकास प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। निरीक्षण के समय विकास अधिकारी सुंदर लाल गोदारा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक नईम उस्ता सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
छतरगढ़ की घेघड़ा झील बनेगी इको-टूरिज्म हब: जिला परिषद सीईओ शैलजा पांडे ने किया निरीक्षण, मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के दिए निर्देश
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July 23, 2026
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