रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौर के निर्देशानुसार ट्रांसफार्मटिव ट्यूजडे अभियान के अंतर्गत तालुका विधिक सेवा समिति, रानीवाड़ा की ओर से हैप्पी पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, रानीवाड़ा में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (आरजेएस) साक्षी शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी अक्सर जिज्ञासा, गलत संगत, साथियों के दबाव, तनाव तथा सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर नशे की ओर आकर्षित हो जाती है। शुरुआत में उन्हें यह कहकर नशा करने के लिए प्रेरित किया जाता है कि "सिर्फ एक बार आजमाने से कुछ नहीं होगा", लेकिन यही एक बार धीरे-धीरे गंभीर लत का रूप ले लेता है और व्यक्ति का भविष्य बर्बाद कर देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून समाज, विशेषकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत विभिन्न प्रकार के मादक एवं प्रतिबंधित पदार्थों के क्रय-विक्रय, परिवहन, भंडारण, आपूर्ति और सेवन पर कठोर दंड का प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का पालन करने तथा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ से दूर रहने का आह्वान किया।
न्यायाधीश साक्षी शर्मा ने बताया कि शराब एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, लिवर, किडनी और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा नशा करने वाले व्यक्ति की स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है, मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है, हृदयाघात जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और कई मामलों में मृत्यु तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति को आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), पारिवारिक कलह तथा सामाजिक उपेक्षा की ओर धकेल देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पीने की वस्तु या किसी प्रकार का पदार्थ स्वीकार न करें। यदि कोई व्यक्ति नशे के लिए प्रेरित करता है या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत अपने माता-पिता, गुरुजनों अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों को इसकी जानकारी दें। साथ ही सदैव अच्छी संगति में रहने, सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा बताया गया कि किसी भी कानूनी सहायता के लिए रालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 एवं 99289 00900 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर न्यायालय के कार्मिक रामाराम सोनल एवं योगेश जांगिड़, हैप्पी पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय के डायरेक्टर प्रहलाद कुमार, प्रिंसिपल शंकरलाल पुरोहित, व्यवस्थापक उदाराम चौधरी, विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।