रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सम्मानित अधिवक्ता सुमेर सिंह जी सोलंकी का 14 जुलाई 2026 की रात्रि सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो जाने से अधिवक्ता जगत सहित पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही न्यायिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे समाज की अपूरणीय क्षति बताया।
स्वर्गीय सोलंकी अपने सरल स्वभाव, सौम्य व्यक्तित्व, न्याय के प्रति समर्पण तथा मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे। उन्होंने वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए अनेक लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से अधिवक्ता समुदाय ने एक अनुभवी, कर्मठ एवं सम्मानित साथी को खो दिया है। उनकी पावन स्मृति में 16 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे अभिभाषक कक्ष में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में उपस्थित अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।।श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि "हरि इच्छा प्रबल है", ईश्वर की इच्छा सर्वोपरि होती है, किंतु सुमेर सिंह सोलंकी का असामयिक निधन सभी के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उनके व्यक्तित्व, सेवाभाव और न्याय के प्रति समर्पण को सदैव स्मरण किया जाएगा। उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।