बीकानेर (लालचंद माली): भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार को गाजे-बाजे के साथ पुराना जेल रोड स्थित जगन्नाथ मंदिर से रवाना हुई। रथयात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष और महिला श्रद्धालु शामिल हुए। संत-महात्माओं का सानिध्य भी प्राप्त हुआ।
रथयात्रा के दौरान बैंड की मधुर स्वर लहरियों पर भजन गूंजते रहे। धार्मिक जयकारों से पूरा मार्ग गुंजायमान रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा की गई। रथ के रसिक शिरोमणि मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं की आरती की गई। इस दौरान महिलाएं "जगन्नाथ चका नैन, नीलांचल वाले, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले..." भजन पर नाचती-झूमती नजर आईं। वहीं राधा-कृष्ण की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। रथयात्रा से पहले दिनभर मंदिर में दर्शन-पूजन का क्रम चला। ठाकुरजी को नई पोशाक पहनाकर श्रृंगार किया गया और विविध पकवानों का भोग अर्पित किया गया। शाम को महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियों को मंदिर से बाहर लाकर पुष्पों से सजे रथों में विराजित किया गया।
मंदिर पुजारी परिवार के सदस्य गणेश पाण्डे आदि ने हवन में आहुतियां दीं। इस अवसर पर बीकाजी मैनेजिंग डायरेक्टर सुशीला देवी अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, राष्ट्रीय संत सरजू दास जी महाराज, श्रीधरानंद सरस्वती महाराज, भाजपा शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़, प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम सहित शहर के अनेक गणमान्य मौजूद रहे।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रसिक शिरोमणि मंदिर में नौ दिन तक विराजित रहेंगे। इस दौरान प्रतिदिन मंगला आरती, बालभोग, कथा, बड़ा भोग, महाआरती, संध्या आरती और शयन आरती होगी। साथ ही विविध पकवानों का भोग लगाया जाएगा। 9 दिन बाद भगवान की रथयात्रा पुनः निज मंदिर पहुंचेगी। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष घनश्याम लखाणी ने बताया कि प्रभु ससुराल में 9 दिन रहकर भक्तों को दर्शन देंगे और फिर घर वापसी करेंगे।