बीकानेर का डायमंड्स केंद्र बना कैंसर जांच का हब, अब एनजीएस मशीन की मांग तेज

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर (मुकेश रामावत): सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में स्थित डीएचआर-आईसीएमआर डायमंड्स केंद्र अब पश्चिमी राजस्थान में कैंसर जांच और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 2024 में शुरू हुए इस केंद्र को आधुनिक तकनीक से लैस करने में सांसद एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के प्रयासों की अहम भूमिका रही। केंद्र में आणविक जांच, कैंसर डायग्नोसिस और रिसर्च का काम तेजी से हो रहा है। इसकी प्रगति के पीछे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुरेंद्र वर्मा का कुशल प्रबंधन बताया जा रहा है। आचार्य तुलसी कैंसर अस्पताल की निदेशक डॉ.नीती शर्मा, डॉ.सुरेंद्र बेनीवाल और प्रधान अनुसंधानकर्ता डॉ.सुनीता कुल्हरि के नेतृत्व में टीम यहां रोजाना सटीक जांचें कर रही है। 23-24 जुलाई को मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल के सहयोग से यहां दो दिवसीय RT-PCR प्रशिक्षण भी हुआ। इसमें देशभर के डॉक्टरों और लैब एक्सपर्ट्स को कैंसर की आणविक जांच और क्वालिटी कंट्रोल की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। केंद्र की वैज्ञानिक टीम में डॉ.विनय मेहरा, डॉ.चित्रलेखा सैनी, मोहम्मद फुरकान, गुनगुन जोशी, रोशन पंचारिया और रवि जनागल शामिल हैं, जो लगातार उच्च गुणवत्ता वाली जांच सेवाएं दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डायमंड्स केंद्र को अगली पीढ़ी की जीन अनुक्रमण यानी एनजीएस मशीन से जोड़ा जाना जरूरी हो गया है। इससे कैंसर में होने वाले जीन बदलावों की सटीक पहचान हो सकेगी और मरीजों को उनकी जरूरत के हिसाब से पर्सनलाइज्ड इलाज मिल पाएगा। एनजीएस सुविधा शुरू होने पर राजस्थान और आसपास के राज्यों के मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बीकानेर में ही विश्वस्तरीय जांच और रिसर्च संभव हो सकेगा। केंद्र का लक्ष्य बीकानेर को कैंसर जांच, ट्रेनिंग और रिसर्च का राष्ट्रीय स्तर का सेंटर बनाना है। नई तकनीक जुड़ने से यह संस्थान देश के टॉप कैंसर रिसर्च संस्थानों की सूची में अपनी जगह पुख्ता कर सकता है।

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