ज्ञान, भक्ति और सनातन चेतना का महासंगम: हरभावता में महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महाराज के स्वागत में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

AYUSH ANTIMA
By -
0


निवाई (लालचंद माली): हरभावता मंगलवार को आध्यात्मिक ऊर्जा, सनातन संस्कृति और श्रद्धा के विराट उत्सव का साक्षी बना। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि महाराज के रामेश्वरम महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद पहली बार अद्वैत आश्रम हरभावता आगमन पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा, गगनभेदी जयघोष और भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में "हर-हर महादेव" और "जय श्री राम" के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। तमिलनाडु के पावन धाम रामेश्वरम में आयोजित नौ कुंडात्मक शिवशक्ति महायज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत जैसे ही स्वामी बालकानंद गिरि महाराज का काफिला हरभावता की ओर बढ़ा, मार्ग में मोती डूंगरी गणेशजी, प्रताप नगर गोविंद देवजी, सांगानेर, शिवदासपुरा टोल, चाकसू, कादेड़ा सहित अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने घंटों इंतजार कर उनका अभिनंदन किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ संत का स्वागत किया गया। हरभावता पहुंचने पर बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और विशाल शोभायात्रा के साथ स्वामी बालकानंद गिरि महाराज को अद्वैत आश्रम तक लाया गया। आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका पारंपरिक सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं ने संत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश ग्रहण किया। समाजसेवी हनुमान सिराधना एवं अरनिया मंडल अध्यक्ष शिवराज लांगडी ने बताया कि इस ऐतिहासिक स्वागत समारोह में हरभावता सहित आसपास के अनेक गांवों से हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वामी बालकानंद गिरि महाराज के आगमन ने हरभावता को एक विशाल आध्यात्मिक केंद्र का स्वरूप प्रदान कर दिया। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, संत के प्रति समर्पण और भव्य स्वागत ने इस आयोजन को क्षेत्र के स्मरणीय धार्मिक आयोजनों में शामिल कर दिया। इस अवसर पर समाजसेवी हनुमान सिराधना, पवन पोसवाल, अरनिया मंडल अध्यक्ष शिवराज लांगडी, एडवोकेट दयाराम गुर्जर, भगवान सिंह गुर्जर, नंदलाल लांगडी, हेमराज लांगडी, अशोक लांगडी सहित हजारों श्रद्धालु एवं यात्री उपस्थित रहे।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!